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Bilaspur: चिट्टा आरोपियों का तीन पंचायतें करेंगी बहिष्कार, एक दिखाएगी राह

Wed, 05 Mar 2025 12:57 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर/बरठीं (बिलासपुर)
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर/बरठीं (बिलासपुर) Published by: Krishan Singh Updated Wed, 05 Mar 2025 12:57 PM IST
सार

बिलासपुर जिले की चार पंचायतों ने नशा तस्करों और नशे के जाल में फंसे लोगों से निपटने के लिए अपने-अपने हिसाब से योजनाएं बनाई हैं। 

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Bilaspur:  Three panchayats will boycott chitta accused, one will show the way
हिमाचल में चिट्टा बना मुसीबत। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की चार पंचायतों ने नशा तस्करों और नशे के जाल में फंसे लोगों से निपटने के लिए अपने-अपने हिसाब से योजनाएं बनाई हैं। जिले की तीन पंचायतों ने जहां चिट्टा आरोपियों का बहिष्कार करने की रणनीति बनाई है वहीं एक पंचायत ऐसी भी है जिसने नशा करने वालों को नई राह दिखाने का बीड़ा उठाया है। घुमारवीं उपमंडल की पट्टा पंचायत ने चिट्टे की लत से जूझ रहे युवाओं और अन्य नशा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए बड़ा फैसला लिया है। ग्रामसभा में तय किया गया कि नशा पीड़ितों को समाज से अलग-थलग करने के बजाय उन्हें सहानुभूति और पुनर्वास की सहायता दी जाएगी। पंचायत ने यह भी सुनिश्चित किया कि प्रभावितों को चिकित्सा, परामर्श और रोजगार के अवसर प्रदान कर समाज की मुख्य धारा में वापस लाने के प्रयास किए जाएंगे। पंचायत प्रधान रवि पाल सिंह ने कहा कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को अगर सही समय पर मार्गदर्शन और सहयोग मिले तो वे अपनी जिंदगी को दोबारा संवार सकते हैं। हम ऐसे व्यक्तियों के पुनर्वास पर काम करना चाहिए।

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बरठीं पंचायत सुविधाओं से करेगी वंचित
 ग्राम पंचायत बरठीं ने कड़ा रुख अपनाते हुए नशे का सेवन करने वालों और नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। पंचायत की आमसभा में प्रधान कुलदीप धीमान ने घोषणा की कि जो भी चिट्टा (सिंथेटिक ड्रग) के साथ पकड़ा जाएगा, उसे पंचायत स्तर पर दी जाने वाली सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से वंचित रखा जाएगा। ग्राम पंचायत ने यह निर्णय हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से पंचायतों में चिट्टा विरोधी ग्रामसभाओं के आयोजन के निर्देशों के तहत लिया है। प्रधान कुलदीप धीमान ने कहा कि गांव में नशे का सेवन करने वालों पर नजर रखी जाएगी और पंचायत स्तर पर दी जाने वाली बीपीएल योजना के तहत राशन, एकीकृत ग्रामीण विकास योजना, मनरेगा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं दिया जाएगा। पंचायत प्रधान ने बताया कि नशे के दुष्प्रभावों को लेकर एक सप्ताह बाद घर-घर जाकर जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंचायत क्षेत्र में दो परिवारों के घर में अभी तक शौचालय नहीं है, इस पर काम करेंगे।

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नशे में संलिप्त मिले तो सामाजिक बहिष्कार
ओयल ओयल और सोलधा पंचायत में विशेष ग्रामसभा सभा हुई। ओयल पंचायत में प्रधान दिनेश कुमार ने कहा कि पंचायत ने प्रण लिया किया कि क्षेत्र में नशे को पैर पसारने नहीं देगी। जो भी इस नशे में संलिप्त पाया जाएगा, उसके परिवार को पंचायत की तमाम सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा। इसके अलावा सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। सोलधा पंचायत में प्रधान सुषमा शर्मा ने कहा कि चिट्टा में संलिप्त व्यक्ति का सामाजिक बहिष्कार किया किया जाएगा। 

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