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Bilaspur: राज्यपाल शुक्ल तक पहुंचा पेयजल योजना का विवाद, आंदोलन 26वें दिन भी रहा जारी

Sun, 18 Feb 2024 10:12 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Published by: Krishan Singh Updated Sun, 18 Feb 2024 10:12 PM IST
सार

 हिमालय नीति अभियान संस्था ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग उठाई है। उधर, योजना के विरोध में आंदोलन 26वें दिन भी जारी रहा।

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bilaspur Dispute over drinking water scheme reached Governor Shukla, agitation continued on 26th day
पेयजल योजना विरोध में आंदोलन 26वें दिन भी रहा जारी - फोटो : संवाद

विस्तार

 बिलासपुर-सोलन सीमा पर त्रिवेणीघाट पर अली खड्ड पर बन रही पेयजल योजना का विवाद राज्यपाल तक पहुंच गया है। हिमालय नीति अभियान संस्था ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग उठाई है। उधर, योजना के विरोध में आंदोलन 26वें दिन भी जारी रहा। संस्था के राष्ट्रीय संयोजक गुमान सिंह ने राज्यपाल को पेयजल योजना विवाद पर ज्ञापन भेजा है। इसमें बताया है कि बिलासपुर और सोलन की सीमा पर त्रिवेणी घाट स्थित अली खड्ड सें अदाणी सीमेंट प्लांट प्रायोजित जल उठाने की योजना के खिलाफ लोगों आंदोलन कर रहे हैं। सबसे पहले यह योजना 1992 में अंबुजा सीमेंट कंपनी के पूर्व मालिक की ओर प्रस्तावित की गई थी, जिसे वीरभद्र सिंह सरकार ने निचले क्षेत्र के लोगों की आपत्ति के बाद खारिज कर दिया था।

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2019-20 और 2022 में योजना को फिर से उसी विवादित स्थल से प्रस्तावित किया गया। तब स्थानीय समुदाय के विरोध के बाद तत्कालीन भाजपा सरकार ने मौखिक रूप से निर्माण रोकने का आदेश दिए। लेकिन अब फिर से टैंक निर्माण और पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया जा रहा है। वास्तविकता यह है कि इस खड्ड की क्षमता वर्तमान जल आवश्यकताओं से कम है। कई बार गर्मी के मौसम में यहां पानी सूख जाता है और इससे जुड़ी पेयजल योजनाएं फेल हो जाती हैं। ऐसे में प्रशासन क्षेत्र के लोगों को टैंकों से पेयजल आपूर्ति करता है। इसलिए वर्तमान उपभोक्ताओं को नकार कर अन्य प्रयोजनों के लिए पानी उठाना उचित नहीं है।
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अदाणी सीमेंट प्लांट और खनन प्रभावित समुदायों के लोगों की पानी की ज़रूरतें पास में मौजूद कोल बांध से पानी उठाकर पूरी की जा सकती हैं। इसलिए इस योजना को तत्काल रद्द किया जाए। साथ ही आंदोलन कर रहे लोगों पर दर्ज एफआईआर तुरंत वापस ली जाए। वहीं, रविवार को क्रमिक अनशन पर सुमन देवी, नैना देवी, शीला देवी, कांता देवी, लता चंदेल, कमला देवी बैठीं।

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