फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Big setback for Ten Thousand students Himachal govt will not give Laptops

धूमल की लैपटॉप योजना पर असमंजस में जयराम सरकार, यहां जानिए पूरा मामला

Tue, 26 Jun 2018 12:04 PM IST
अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला
अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 26 Jun 2018 12:04 PM IST
विज्ञापन
Big setback for Ten Thousand students Himachal govt will not give Laptops

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेमकुमार धूमल के कार्यकाल में शुरू हुई योजना को जारी रखने को लेकर जयराम सरकार असमंजस में है। धूमल सरकार ने साल 2012 में दसवीं कक्षा के चार हजार मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए लैपटॉप देने की योजना शुरू की थी।

विज्ञापन


दिसंबर 2012 में प्रदेश में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद भी यह योजना जारी रही। वीरभद्र सरकार ने योजना का दायरा और अधिक बढ़ाते हुए इसमें बारहवीं कक्षा के विद्यार्थी भी जोड़े। मेधावियों की संख्या को बढ़ाकर दस हजार तक कर दिया।
विज्ञापन


लेकिन जयराम सरकार मेधावियों को दिए जाने वाले लैपटॉप को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं ले सकी है। शिक्षा निदेशालय द्वारा इस संदर्भ में डेढ़ माह पूर्व मांगे गए स्पष्टीकरण का भी अभी तक जवाब नहीं दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


साल 2012-13 में तत्कालीन धूमल सरकार के समय दसवीं कक्षा के चार हजार मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप देने के साथ यह योजना शुरू हुई थी। इस दौरान साल 2011-12 में दसवीं पास करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप बांटे गए। 

वीरभद्र की फोटो हटा बांटे थे लैपटॉप

Big setback for Ten Thousand students Himachal govt will not give Laptops

सत्ता परिवर्तन होने के बाद कांग्रेस सरकार ने साल 2013-14 में पांच हजार विद्यार्थियों के लिए यह योजना शुरू की। इसमें ढाई हजार दसवीं और ढाई हजार बारहवीं के मेधावी विद्यार्थी शामिल किए गए।

साल 2014-15 में वीरभद्र सरकार ने मेधावियों की संख्या बढ़ाकर साढ़े सात हजार की। साल 2015-16 में संख्या को बढ़ाकर दस हजार कर दिया गया। साल 2016-17 में भी दस हजार मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए।

अब जयराम सरकार की बेरुखी के चलते प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं एवं बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं की मेरिट में आने वाले दस हजार विद्यार्थियों को इस बार लैपटॉप दिए जाने की संभावना शून्य हो गई है। 

प्रदेश में नई सरकार बनते ही जनवरी महीने में शिक्षा विभाग ने सत्र 2016-17 के मेधावियों को दिए जा रहे लैपटॉप के वितरण पर रोक भी लगा दी थी।

लैपटॉप के ऑन होते ही उसमें पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की फोटो आ रही थी। इस फोटो को हटाकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की फोटो लगाने के बाद ही विभाग ने वितरण किया था।

जयराम सरकार का कॉलेजों पर फोकस

Big setback for Ten Thousand students Himachal govt will not give Laptops

जयराम सरकार स्कूलों के बजाये कॉलेजों के मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप देने पर अधिक फोकस कर रही है। हालांकि कॉलेजों में कितने विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाएंगे, यह भी जयराम सरकार अभी तक तय नहीं कर पाई है।

भाजपा ने अपने चुनावी दृष्टिपत्र में फर्स्ट डिविजन में पास होने वाले कॉलेज स्टूडेंट्स को लैपटॉप देने की घोषणा की है। शिक्षा निदेशालय के मुताबिक कॉलेजों में फर्स्ट डिविजन में पास होने वाले विद्यार्थियों की संख्या करीब 33 हजार होती है।

ऐसे में लैपटॉप खरीद के लिए करीब 70 करोड़ का बजट चाहिए है। उधर, स्कूलों के दस हजार मेधावियों को लैपटॉप देने के लिए सरकार करीब 18 करोड़ का बजट देती आई है। ऐसे में 70 करोड़ के बजट का इंतजाम करना भी आने वाले दिनों में सरकार के लिए आसान नहीं रहने वाला है।

अभी नहीं लिया है कोई फैसला : भारद्वाज
दसवीं और बारहवीं कक्षा के मेधावियों को लैपटॉप दिए जाने को लेकर अभी तक कोई भी फैसला नहीं हुआ है। योजना को बंद करने या जारी रखने को लेकर आने वाले दिनों में विचार किया जाएगा।- सुरेश भारद्वाज, शिक्षा मंत्री

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed