फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   big Revealing in education department inquiry report on scholarship scam himachal

हिमाचल में ऐसे हुआ करोड़ों रुपये का छात्रवृत्ति घोटाला, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

Thu, 16 May 2019 10:18 AM IST
Krishan Singh अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला
अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 16 May 2019 10:18 AM IST
विज्ञापन
big Revealing in education department inquiry report on scholarship scam himachal

कई राज्यों में फैले छात्रवृत्ति घोटाले को अंजाम देने के लिए हिमाचल से लेकर दिल्ली तक गोटियां बिठाई गईं थीं। केंद्र और राज्य सरकार के कई अफसरों की मिलीभगत से सरकारी पैसे का गोलमाल हुआ।

विज्ञापन


सीबीआई के पास पहुंची शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट पर बिना हस्ताक्षर के ही 500 करोड़ से ज्यादा की छात्रवृत्तियां जारी हुईं। 
विज्ञापन


साल 2018 में हिमाचल सरकार के शिक्षा सचिव डॉ. अरुण शर्मा की जांच रिपोर्ट के मुताबिक साल 2010 के बाद किसी भी शिक्षा सचिव ने यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट पर काउंटर साइन नहीं किए।

विज्ञापन
विज्ञापन

केंद्र से बजट जारी करने का ये है नियम

big Revealing in education department inquiry report on scholarship scam himachal

नियमानुसार शिक्षा सचिव के काउंटर साइन के बाद ही केंद्र बजट जारी करता है। यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट पर आखिरी हस्ताक्षर तत्कालीन शिक्षा सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी के हैं। रिपोर्ट में बताया कि बिना काउंटर साइन के एक पैसा अधिकारी जारी नहीं कर सकते।

इसके बावजूद हिमाचल से बजट की मांग को लेकर प्रस्ताव भेजा और केंद्र में बैठे अफसरों ने बिना जांच किए बजट जारी किया। रिपोर्ट में हिमाचल से लेकर दिल्ली तक बैठे बड़े अफसरों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

इस घोटाले के लिए अफसरशाही और नेताओं की जुगलबंदी को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। जांच रिपोर्ट पर सीबीआई मंथन कर रही है। आने वाले दिनों में कई अफसर सीबीआई के राडार पर रहेंगे।

ऑडिट पैरा पर भी गौर नहीं

छात्रवृत्ति राशि के आवंटन को लेकर साल 2009-10 में लगा ऑडिट पैरा भी बिना पड़ताल के अगले साल हटा दिया। साल 2014-15 में कैग ने दस करोड़ की छात्रवृत्ति आवंटन पर सवाल उठाए थे। कैग की इन आपत्तियों को उच्च अधिकारियों के ध्यान में भी नहीं लाया गया। इन ऑडिट पैरा को निचले स्तर पर ही बिना ठोस कार्रवाई के हटा दिया। 

सीटें थीं 800, कर दीं 3300 एडमिशन
रिपोर्ट में बताया कि एक निजी शिक्षण संस्थान में एससी/एसटी के विद्यार्थियों के लिए 800 सीटें थीं, जबकि एडमिशन 3300 को दे दी गई। शिक्षा निदेशालय ने भी बिना जांच 3300 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति राशि जारी कर दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed