भुगतान न करने के मामले में राहुल गांधी को सुनवाई में राहत
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पैसे का भुगतान न करने की एक शिकायत पर तय की गई सुनवाई में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को राहत दी गई है। राज्य का उद्योग विभाग वीरवार को इस मामले की सुनवाई नहीं करेगा। इसकी सुनवाई 30 जनवरी तक टाल दी गई है।
इस पर शिकायतकर्ता ने अधिकारियों के कांग्रेस पार्टी के दबाव में आने का आरोप लगाया है। उद्योग निदेशक राजेश शर्मा का कहना है कि बद्दी में एक बैठक रखे जाने के कारण ही इसे टालना पड़ा है। 18 जनवरी की सुनवाई की तिथि उनके बजाय उनके पूर्ववर्ती निदेशक ने तय की। उन्होंने तो हाल ही में ज्वाइन किया है।
शिमला में शिकायतकर्ता मैसर्ज फर्स्ट न्यूज मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रमुख सुरेंद्र हुड्डा ने शिमला में पत्रकार वार्ता में भी राज्य के उद्योग विभाग के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने ऐसा कांग्रेस नेताओं के दबाव में आकर किया है, जबकि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए।
हुड्डा ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी भी लघु एवं मध्यम उद्योगों का खास ख्याल रखे जाने की बात कर चुके हैं, मगर हिमाचल में उनकी पार्टी की सरकार की अफसरशाही से उन्हें निराशा ही हाथ लगी है।
उन्होंने उद्योग मंत्री विक्रम सिंह से भी शिकायत की है। उद्योग विभाग के तहत कार्यरत प्रदेश माइक्रो एंड स्माल एंटरप्राइसेज फेसिलिटेशन काउंसिल ने पहले राहुल गांधी के अलावा हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेेटी के अध्यक्ष डॉ. अशोक तनवर और कोषाध्यक्ष तरुण भंडारी को समन किया था।
काउंसिल के अध्यक्ष उद्योग निदेशक हैं। हुड्डा ने उद्योग विभाग को शिकायत की है कि कांग्रेस पार्टी ने उन्हें करीब 33 लाख रुपये का भुगतान करना है।
करीब 38 लाख के विज्ञापन कांग्रेस पार्टी ने वर्ष 2014 के हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान मैसर्ज फर्स्ट न्यूजमीडिया की ओर से निकाले जा रहे स्थानीय समाचार पत्र में छापे।
इसमें से 22 लाख रुपये का भुगतान तो कर दिया गया है, लेकिन 16 लाख रुपये नहीं दिए गए। नियमानुसार ब्याज जोड़कर अब ये पेमेंट 16 लाख रुपये से बढ़कर 33 लाख रुपये हो गई है।