{"_id":"6281412c1bcc4b2b412600e3","slug":"big-langar-in-jakhu-temple-shimla-news-sml4089486115","type":"story","status":"publish","title_hn":"जाखू मंदिर में पहुंचे दस हजार से ज्यादा श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जाखू मंदिर में पहुंचे दस हजार से ज्यादा श्रद्धालु
विज्ञापन
शिमला के जाखू मंदिर में रविवार को विशाल भंडारा लगाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में सैलानी औए स्थ?
- फोटो : SHIMLA CITY
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला। शहर के जाखू मंदिर में रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मौका था हनुमान सेवा समिति की ओर से लगाए गए विशाल भंडारे का। कोरोनाकाल के दो साल बाद भव्य रूप से शुरू हुए इस भंडारे में खूब भीड़ उमड़ी। शाम पांच बजे तक 10,000 से ज्यादा श्रद्धालु जाखू पहुंचे। सैलानी और स्थानीय लोग यहां 108 फीट ऊंची हनुमानजी के मूर्ति के सामने सेल्फी लेते दिखे।
शहर के लोगों के अलावा गुजरात, पंजाब और हरियाणा से आए पर्यटकों ने भी बजरंगबली के दर्शन करने के बाद यहां भंडारा चखा। हनुमान सेवा समिति की ओर से मंदिर परिसर में राम लड्डू, दूध-जलेबी, मालपुड़े, कैंडी चॉकलेट, नूडल, चाउमिन, आइसक्रीम के अलावा हलवा रोट के अलग-अलग स्टॉल लगाए थे। यहां लोगों ने लाइनों में लगकर लजीज व्यंजनों का स्वाद चखा।
मंदिर में भक्तों की भीड़ सुबह से ही उमड़ना शुरू हो गई थी। हनुमान जी के दर्शनों के लिए लोग कतारों में खड़े रहे। दूसरी ओर स्थानीय व्यंजन मालपुड़े का स्टॉल तो शाम साढ़े चार बजे तक चलता रहा। इसके अलावा दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने मंदिर परिसर में सुबह 11 से दोपहर 2:30 बजे तक सुंदरकांड का पाठ करवाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के लोगों के अलावा गुजरात, पंजाब और हरियाणा से आए पर्यटकों ने भी बजरंगबली के दर्शन करने के बाद यहां भंडारा चखा। हनुमान सेवा समिति की ओर से मंदिर परिसर में राम लड्डू, दूध-जलेबी, मालपुड़े, कैंडी चॉकलेट, नूडल, चाउमिन, आइसक्रीम के अलावा हलवा रोट के अलग-अलग स्टॉल लगाए थे। यहां लोगों ने लाइनों में लगकर लजीज व्यंजनों का स्वाद चखा।
विज्ञापन
मंदिर में भक्तों की भीड़ सुबह से ही उमड़ना शुरू हो गई थी। हनुमान जी के दर्शनों के लिए लोग कतारों में खड़े रहे। दूसरी ओर स्थानीय व्यंजन मालपुड़े का स्टॉल तो शाम साढ़े चार बजे तक चलता रहा। इसके अलावा दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने मंदिर परिसर में सुबह 11 से दोपहर 2:30 बजे तक सुंदरकांड का पाठ करवाया।
विज्ञापन