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भाजपा में मचा घमासान, दूसरी बार बगावत पर उतरे दिग्गज नेता
ब्यूरो/अमर उजाला, भोरंज (हमीरपुर)
Updated Tue, 21 Mar 2017 09:44 AM IST
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हिमाचल के हमीरपुर में भाजपा नेता पवन कुमार दूसरी बार चुनाव मैदान में कूद गए हैं। सोमवार को उन्होंने रिटर्निगिं अधिकारी एवं एसडीएम भोरंज एसके पराशर के समक्ष भोरंज उपचुनाव में बतौर निर्दलीय नामांकन भरा। वे बीजेपी से टिकटार्थियों की सूची में थे।
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अंत में नाम कटने से नाराज हो गए और निर्दलीय चुनाव में कूदने का निर्णय लिया। पवन के निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने से भाजपा में घमासान मच गया है। भाजपा की पृष्ठभूमि रखने वाले निर्दलीय प्रत्याशी पवन कुमार बीजेपी प्रत्याशी डॉ. अनिल धीमान को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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वे इससे पहले वर्ष 2012 में हिमाचल लोकहित पार्टी के टिकट पर विस चुनाव लड़ चुके हैं। उस वक्त उन्हें महज 891 वोट ही मिले थे। भाजपा का दामन छोड़ हिलोपा से चुनाव लड़ने की कीमत उन्हें पार्टी से निष्कासन के रूप में चुकानी पड़ी थी।
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लोकसभा चुनाव में फिर उनकी भाजपा में वापसी हुई। वे वर्ष 2005 से लगातार पंचायतीराज संस्था का चुनाव जीत रहे हैं। 2005 में वे लुद्दर महादेव वार्ड से बीडीसी सदस्य जीते। इसके बाद इसी वार्ड से 2010 में फिर बीडीसी चुनाव जीता।
तीसरी बार भोरंज वार्ड से जिला परिषद का चुनाव लड़कर जीत की हैट्रिक लगाई। वे काफी समय से भाजपा के सक्रिय सदस्य रहे हैं। नवंबर 2016 में पूर्व शिक्षा मंत्री आईडी धीमान के निधन के बाद उन्होंने भोरंज संघर्ष समिति का गठन कर लोगों के बीच अच्छी पकड़ बनाई।
भोरंज उपचुनाव की घोषणा होने के बाद उन्होंने भाजपा की सूची में टिकटार्थी के रूप में अपना नाम दर्ज करवाया। हाईकमान ने आईडी धीमान के पुत्र डॉ. अनिल धीमान को टिकट थमा दिया। इससे नाराज होकर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं। हालांकि, भाजपा उन्हें पार्टी का सदस्य तक मानने से इनकार कर रही है।
भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा कि पवन कुमार पार्टी में किसी भी पद पर नहीं रहे हैं। इससे पहले हिलोपा टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। चुनाव में टिकट का फैसला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि पार्टी हाईकमान और संसदीय बोर्ड करता है।
उधर, निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले पवन कुमार ने कहा कि वह भाजपा में मीडिया सचिव के पद पर रह चुके हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने दोबारा उन्हें प्राथमिक सदस्यता दी है।