फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Bhavna Thakur's entire family watched the match on a mobile phone in the fields and celebrated the victory.

मंडी: भावना ठाकुर के पूरे परिवार ने खेत में मोबाइल पर देखा फाइनल मुकाबला, जीत पर झूमे

Sat, 26 Sep 2026 04:48 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 26 Sep 2026 04:48 PM IST
सार

भावना ठाकुर के परिवार के सभी सदस्य सुबह ही खेतों में लहसुन की बीजाई के लिए चले गए थे और काम के साथ मोबाइल फोन पर मैच का सीधा प्रसारण भी देख रहे थे। गांव के अन्य लोग भी खेतों में काम के साथ मैच देख रहे थे। 

विज्ञापन
Bhavna Thakur's entire family watched the match on a mobile phone in the fields and celebrated the victory.
महिला कबड्डी का फाइनल मुकाबला। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

खेतों में लहसुन की बिजाई चल रही थी और मोबाइल फोन पर बेटी भावना का फाइनल मुकाबला। भारतीय महिला कबड्डी टीम के ईरान के खिलाफ एशियन गेम्स के फाइनल पर मंडी के बैला गांव में भावना ठाकुर के परिवार की नजरें टिकी थीं। परिवार सुबह ही खेत के काम में जुटा था। जैसे ही भारत ने ईरान को हराकर स्वर्ण पदक जीता, खेतों में खुशी छा गई। बेटी की जीत की खुशी में पिता प्रेम सिंह वहीं नाच उठे। पूरे परिवार ने खेत में ही जश्न मनाया।

विज्ञापन

बड़ी बहन कांता देवी ने कहा कि भावना ने फिर परिवार, मंडी और हिमाचल का मान बढ़ाया है। परिवार को अपनी बेटी पर नाज है।

उनकी कामना है कि भावना इसी तरह आगे बढ़ती रहे और देश के लिए उपलब्धियां हासिल करती रहे। 27 वर्षीय भावना गोहर उपमंडल के पंडोह से सटे बैला गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता प्रेम सिंह किसान और माता दासी देवी गृहिणी हैं। चार भाई-बहनों में सबसे छोटी भावना की बड़ी बहन कांता, बहन पुष्पा और भाई दुनी चंद हैं। माता दासी देवी ने कहा कि बेटी ने पूरी टीम के साथ शानदार प्रदर्शन कर देश के साथ मंडी जिले का नाम रोशन किया है। पिता प्रेम सिंह ने कहा कि भावना की खेल के प्रति लगन, मेहनत और जज्बे का परिणाम अब सामने आया है। भाभी प्रोमिला देवी ने भी बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताई।
विज्ञापन
विज्ञापन

भावना की शुरुआती पढ़ाई कोट और स्यांज स्कूल में हुई। इसके बाद सिरड़ा इंस्टीट्यूट के छात्रावास में रहकर कनैड स्कूल से 12वीं की पढ़ाई की। वर्ष 2021 में धर्मशाला में कबड्डी प्रशिक्षण लेने के बाद उनके खेल कॅरिअर को नई दिशा मिली। 24 नवंबर 2025 को चीन को हराकर विश्वकप जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम में भी भावना ने अहम भूमिका निभाई थी। अब एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपने बड़े सपने को पूरा कर लिया है।

विज्ञापन

कबड्डी छोड़ चुकी थीं भावना, फिर बदला फैसला
वर्ष 2014 में कबड्डी शुरू करने के बाद भावना ने जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, लेकिन कुछ समय बाद खेल छोड़ दिया। मंडी जिला कबड्डी संघ के नेत्र सिंह और प्रेम ठाकुर उनके घर पहुंचे। उन्होंने पिता प्रेम सिंह की मदद से भावना को दोबारा खेलने के लिए प्रेरित किया। दोनों ने भावना को खेल न छोड़ने की कसम भी दिलाई। इसके बाद भावना ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार आगे बढ़ती गईं।

सीएम ने दी बधाई, विजेताओं को मिलेगा ईनाम
मंडी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भारतीय महिला कबड्डी टीम की हिमाचल की चारों खिलाड़ियों समेत पूरी टीम को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने जोगिंद्रनगर के सावन बरवाल को भी शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल पहुंचने पर सभी विजेताओं का स्वागत किया जाएगा और नियमों के तहत सरकार की ओर से ईनामी राशि दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed