हेलीपैड पर ही कर लिया कब्जा, नहीं होने दी उड़ान
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भरमौर (चंबा, मिहाचल प्रदेश) में जम्मू-कश्मीर के श्रद्धालुओं को हेलीपैड में प्रवेश से रोकने के तमाम प्रबंध बेकार साबित हुए हैं। वीरवार को श्रद्धालुओं ने हेलीपैड पर कब्जा कर लिया और दिन भर एक भी उड़ान नहीं होने दी। प्रशासन ने इन यात्रियों को हेलीपैड से पहले रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे।
लेकिन यात्री सुरक्षा प्रबंधों को तोड़कर हेलीपैड में पहुंच गए और हेलीकॉप्टर के सामने अपने देवता स्थापित कर दिए। उधर, प्रशासन ने इस कब्जे के बाद ड्यूटी पर तैनात पुलिस जवानों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। प्रशासन ने यात्रियों को हेलीकॉप्टर के पास आने से रोकने के लिए रस्सी लगाई थी।
दो दिन रुकते हैं यहां...
जम्मू-कश्मीर से आने वाले यात्री भरमौर में दो दिन रुकते हैं जिसमें से एक दिन भरमाणी माता व चौरासी मंदिर के दर्शन व दूसरे दिन चौरासी परिसर में मेले में नाच-गाने के बाद अगले पड़ाव की ओर कूच करते हैं। उपमंडल अधिकारी जितेंद्र कंवर का कहना है कि पहले इस बारे में पुलिस को निर्देश दे दिए गए थे कि हेलीपैड के आसपास जो रस्सी लगाई गई है।
उसके अंदर किसी भी श्रद्धालु को न जाने दिया जाए, लेकिन इसके बावजूद जम्मू-कश्मीर के लोगों ने हेलीकॉप्टर के समीप ही देवताओं को स्थापित कर दिया। उपमंडल अधिकारी ने बताया कि इस बारे में ड्यूटी पर मौजूद पुलिस जवानों पर कार्रवाई होगी।
इस वजह से है टकराव
जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह से लंबी यात्रा के बाद श्रद्धालु सदियों से भरमौर हेलीपैड पर पड़ाव डालते रहे हैं। भद्रवाह के लोग दो दिन तक भरमौर में रुकते हैं।
यह परंपरा कई सदियों से चल रही है लेकिन पिछले कुछ सालों से हवाई यात्रा शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं और प्रशासन में टकराव की स्थिति रहती है। यात्री पड़ाव बदलने को तैयार नहीं होते हैं और प्रशासन को कड़े प्रबंध करने पड़ते हैं।