बिलासपुर में सतलुज नदी किनारे से निकलेगा भानुपल्ली-लेह रेलवे ट्रैक
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सामरिक महत्व की भानुपल्ली-लेह रेललाइन के निर्माण की दिशा में रेलवे ने एक और पायदान पार कर लिया है। रेलवे ने भानुपल्ली से बरमाणा तक का सर्वे पूरा कर लिया है। रेलवे लाइन के प्रस्तावित रूट पर रेलवे ने बुर्जियां लगा दी हैं।
अब राजस्व विभाग जमीन के कागजात बनाने में जुट गया है। राजस्व विभाग की ओर से भी रघुनाथपुरा के खनसरा गांव का सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। दिलचस्प है कि इस रूट से रेलवे का आधे से ज्यादा सफर गोबिंद सागर झील के किनारे से होकर तय होगा।
करीब 64 किमी लंबे इस रेलवे ट्रैक में भानुपल्ली से बरमाणा तक 20 सुरंगें बनाई जाएंगी। जबकि छोटे-बड़े मिलाकर करीब 18 पुल बनेंगे। मैहला के पास करीब चार किलोमीटर लंबाई वाली सबसे बड़ी सुरंग होगी।
कई ऐसे पुल भी होंगे जो काफी ऊंचे व लंबे होंगे। भानुपल्ली से बरमाणा तक की रेलवे लाइन का आधे से ज्यादा ट्रैक सतलुज नदी किनारे से होकर जाने से रेलवे के मुसाफिर गोबिंद सागर झील की सुंदरता का भव्य नजारा भी ले सकेंगे।
1700 फीट ऊंचाई पर ही इस ट्रैक का निर्माण किया जाएगा, क्योंकि 1700 फीट के पास व इससे नीचे रेलवे ट्रैक को बनाने के लिए बीबीएमबी से एनओसी लेना जरूरी होगा। भू अधिग्रहण करने के लिए अभी करीब 13 किलोमीटर का ट्रैक रह गया है। एसडीएम सदर प्रियंका वर्मा का कहना है कि रेलवे विभाग ने बरमाणा तक का रेल लाइन का सर्वे पूरा कर लिया है। राजस्व विभाग की ओर से रघुनाथपुरा के खनसरा गांव तक का सर्वे हो चुका है।
धरोट से बरमाणा तक बनेंगे पांच स्टेशन
धरोट से बरमाणा तक पांच स्टेशन बनेंगे। इसमें पहला स्टेशन धरोट में, दूसरा मैहला, तीसरा दगदाडन-भटेड़ में, चौथा कोठी चौक बिलासपुर और पांचवां बरमाणा में होगा।
बिलासपुर शहर के बाहर से निकलेगा ट्रैक
रेल विभाग के अधिकारियों की मानें तो रेलवे ट्रैक बिलासपुर शहर के बाहर से होकर निकाला जाएगा। शहर के साथ करीब दो बड़े पुल बनाए जाएंगे। बिलासपुर के राजा की पुरानी रियासत सांडू से होते हुए रेलवे ट्रैक निकलेगा।
रेलवे ट्रैक को गोबिंद सागर झील से पानी का नुकसान न हो इसके लिए यहां पर पुल बनाए जाएंगे। बिलासपुर शहर के पास से करीब दो पुल बनाने की योजना है।