पंजाब ने दिखाया ठेंगा, लटक गया हिमाचल का करीब 2900 करोड़ रुपये का बकाया
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पंजाब भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) के हिस्से की बिजली भी हिमाचल को देने के लिए तैयार नहीं है। हिमाचल सरकार कई बार इस बाबत पंजाब सरकार को पत्र भेज चुकी है, लेकिन इसका कोई जवाब नहीं आया। ऐसे में बीबीएमबी के तहत आने वाली बिजली परियोजनाओं में पंजाब के हिस्से की बिजली बेचकर हिमाचल सरकार के बकाया वसूली करने के प्रयास भी सिरे नहीं चढ़ पा रहे हैं।
बीबीएमबी में हिस्सेदार राज्य पंजाब पर हिमाचल का करीब 2900 करोड़ रुपये का बकाया है। पंजाब ने हिमाचल सरकार को ऑफर दिया था कि इस बकाया राशि की वसूली हिमाचल चाहे तो अगले 20 साल तक बीबीएमबी प्रोजेक्टों में पंजाब के हिस्से की बिजली बेचकर कर सकता है।
प्रदेश में सत्तासीन होने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में 4 जनवरी, 2018 को कैबिनेट की बैठक में प्रदेश सरकार ने पंजाब के इस ऑफर को मंजूर करते हुए 20 साल की जगह 10 साल में वसूली को मंजूरी दी थी।
सुप्रीम कोर्ट में हुई थी हिमाचल की जीत
कैबिनेट ने दस वर्ष में 13,066 मिलियन यूनिट बिजली बेचकर एरियर वसूलने का लक्ष्य निर्धारित किया था। कैबिनेट के फैसले से हिमाचल सरकार ने पंजाब को अवगत भी करवा दिया था। पहले तो पंजाब उक्त फैसला मानने को तैयार था, लेकिन अब पंजाब ने हाथ वापस खींच लिए हैं। इससे हिमाचल सरकार की परेशानियां बढ़ गई हैं।
हिमाचल सरकार ने अपना हिस्सा लेने के लिए सुप्रीमकोर्ट तक लड़ाई लड़ी। सुप्रीमकोर्ट से फैसला हिमाचल के पक्ष में आया। उस समय पंजाब पर बकाया 4200 करोड़ रुपये बनता था, लेकिन दोनों राज्यों के बीच सहमति बनी कि हिमाचल को पंजाब 2900 करोड़ ही देगा।
ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने बताया कि पंजाब सरकार को हिमाचल कैबिनेट के फैसले से अवगत कराया गया है। पहले पंजाब सरकार बकाया चुकाने को तैयार थी, लेकिन अब कोई जवाब नहीं दे रही है। ऐसे में हिमाचल सरकार दोबारा मामला पंजाब सरकार के साथ उठाएगी। केंद्र सरकार को भी इस संदर्भ में अवगत कराया जाएगा।