मौसम की बेरुखी ने उड़ाई भालुओं की नींद, मानव बस्तियों में घूम रहे
प्रदेश में अब नवंबर और दिसंबर में भारी बर्फबारी नहीं होती। पहले नवंबर में हिमपात होते ही भालू गुफाओं में शीत निद्रा में तीन से चार महीने तक सो जाते थे। इस दौरान इनके शरीर में जमा वसा ही इनका भोजन होता था। पिछले कुछ वर्षों में बदले मौसम, जंगलों के घटने आदि से पारिस्थितिकी बिगड़ गई है। भालुओं की प्रकृति में आए बदलाव का एक कारण इसे भी माना जा रहा है। हालांकि, इसके तमाम तथ्य जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अध्ययन के बाद ही पता चलेंगे। इन दिनों भालू रिहायशी इलाकों में पहुंच रहे हैं, जिससे लोग दहशत में हैं।
वसा का इस्तेमाल न होने से बदल रही भालुओं की आकृति
शीत निद्रा के दौरान भोजन के रूप में वसा भालुओं का भोजन होता है। अब इसका इस्तेमाल न होने से इनका शरीर भारी और मोटा हो रहा है। इस बारे में भी टीम अध्ययन करेगी।
कोलकाता से जल्द हिमाचल पहुंचेगी टीम
भालुओं के इस बदले व्यवहार पर अध्ययन के लिए राज्य के वन्य प्राणी विंग ने तीन संस्थानों से संपर्क किया। इनमें देहरादून का राष्ट्रीय प्राणी संस्थान और बंगलूरू की भी एक संस्था है, लेकिन जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया कोलकाता इस पर अध्ययन को तैयार हुआ है। जल्द कोलकाता से टीम हिमाचल प्रदेश में आएगी। राज्य वन्य प्राणी विंग के मुख्य अरण्यपाल मुख्यालय अनिल ठाकुर ने बताया कि टीम यहां भालुओं की गिनती भी करेगी।
बांदली गांव में दिन-दहाड़े घूम रहे भालू, पिंजरा पहुंचा
जिला शिमला के ठियोग की पंचायत क्यार के बांदली गांव में तीन भालू घूमते देखे जा रहे हैं। यहां भालू एक महिला पर हमला भी कर चुका है। बुधवार को ठियोग से वन्य प्राणी विंग के निर्देश पर कर्मचारी भालुओं को पकड़ने के लिए पिंजरा लेकर इस क्षेत्र में पहुंचे हैं।
हिमालयन ब्लैक बीयर और ब्राउन बीयर हैं प्रदेश में
सूबे में भालुओं की ब्लैक और ब्राउन बीयर नाम की दो ही प्रजातियां पाई जाती हैं। निचले क्षेत्रों में हिमालयन ब्लैक बीयर मानव बस्तियों के नजदीक ज्यादा घूम रहे हैं। बर्फीले इलाकों में ब्राउन बीयर हैं।
बांदली गांव में दिन-दहाड़े घूम रहे भालू, पिंजरा पहुंचा
जिला शिमला के ठियोग की पंचायत क्यार के बांदली गांव में तीन भालू घूमते देखे जा रहे हैं। यहां भालू एक महिला पर हमला भी कर चुका है। बुधवार को ठियोग से वन्य प्राणी विंग के निर्देश पर कर्मचारी भालुओं को पकड़ने के लिए पिंजरा लेकर इस क्षेत्र में पहुंचे हैं।