राधाष्टमी पर डल झील में शाही स्नान, 50 हजार ने लगाई आस्था की डुबकी
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मणिमहेश में राधाष्टमी के पवित्र शाही स्नान पर डल झील में करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। भगवान शिव के जयकारों से गूंजते मणिमहेश पर्वत में पूरे उत्तर भारत के श्रद्धालु मौजूद रहे।
शिव चेलों के डल तोड़ने के बाद स्नान के शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहे यह श्रद्धालु रात भी भारी ठंड के बीच मणिमहेश की डल झील के किनारे में डटे रहे और पूरी रात भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा।
मणि दर्शन की आस्था में शिव भक्त बिना पलक झपके कैलाश पर्वत को निहारते रहे। राधाष्टमी पर्व के दौरान रात्रि को मणिमहेश पर्वत पर मणि दर्शन होते हैं। शुक्रवार सुबह चार बजे के बाद शाही स्नान शुरू होते ही शिव भक्त पहले मुहूर्त में ही डल झील में उतर गए। यह सिलसिला पूरे दिन चलता रहा। शाही स्नान का समय शनिवार सुबह छह बजे तक है।
12 सितंबर तक बने रहेंगे प्रबंध
शुक्रवार को मणिमहेश की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम थी। जबकि, मणिमहेश से लौटने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा रही। आस्था की डुबकी के बाद शिव भक्तों ने चतुर्मुखी शिवलिंग की पूजा-अर्चना के बाद वापसी का रुख कर लिया है। राधाष्टमी स्नान के साथ ही मणिमहेश यात्रा संपन्न हो जाएगी। प्रशासन 12 सितंबर तक सभी प्रबंध समेट लेगा।
12 सितंबर तक बने रहेंगे प्रबंध : एडीएम
अतिरिक्त दंडाधिकारी भरमौर विनय धीमान ने बताया कि राधाष्टमी स्नान पर करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने डल झील में डुबकी लगाई है। प्रशासन ने यात्रा के कड़े प्रबंध किए थे। 12 सितंबर तक यात्रा के लिए सभी प्रबंध यथावत रहेंगे।