हिमाचल: यूपीएससी आवेदकों को ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाणपत्र देने से हटी रोक, कार्मिक विभाग ने दिए निर्देश
कार्मिक विभाग की ओर से सभी जिला उपायुक्ताें को इस संदर्भ में पत्र जारी कर दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) नॉन-क्रीमी लेयर (एनसीएल) प्रमाण पत्र जारी करने के लिए जिम्मेदार सभी सक्षम अधिकारियों को ये निर्देश जारी किए गए हैं।
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राज्य सरकार ने यूपीएससी की ओर से ली जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई-2025) के आवेदकों के लिए बिना किसी प्रतिबंध के ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। कार्मिक विभाग की ओर से सभी जिला उपायुक्ताें को इस संदर्भ में पत्र जारी कर दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) नॉन-क्रीमी लेयर (एनसीएल) प्रमाण पत्र जारी करने के लिए जिम्मेदार सभी सक्षम अधिकारियों को ये निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हें सुनिश्चित करने को कहा है कि सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 2025 में शामिल होने वाले उम्मीदवार प्रशासनिक प्रतिबंधों के कारण अपने उचित आरक्षण लाभ से वंचित न हों। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने निर्धारित किया था कि सीएसई-2025 के लिए आवेदन करने वाले ओबीसी उम्मीदवारों को वित्तीय वर्ष 2021-2022, 2022-2023 और 2023-2024 के लिए आय के आधार पर ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। ये प्रमाण पत्र 1 अप्रैल, 2024 (वित्त वर्ष 2023-24 के पूरा होने के बाद) या उसके बाद लेकिन सीएसई-2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र की अंतिम तिथि से पहले जारी किए जाने थे।
उधर, ओबीसी उम्मीदवारों से कई शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसमें कहा गया कि जिला अधिकारियों ने आवश्यक समय सीमा के भीतर नए प्रमाण पत्र जारी करने से मना कर दिया है। कारण बताया गया कि उनके पिछले ओबीसी प्रमाण पत्र अभी तक समाप्त नहीं हुए थे। अधिकारियों ने कहा कि पिछले प्रमाण पत्र की वैधता अवधि समाप्त होने के बाद ही नया प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है। इससे उन आवेदकों के लिए एक बड़ी बाधा पैदा हो गई, जिन्हें अपने सीएसई-2025 आवेदन के लिए नए प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने सभी राज्य और जिला अधिकारियों को पहले जारी किए गए प्रमाण पत्रों की वैधता के आधार पर प्रतिबंध लगाए बिना आवश्यक ओबीसी एनसीएल प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया है।
ऐसी कोई शर्त न लगे जो पात्रों को प्रमाणपत्र लेने से रोके
केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसी कोई शर्त नहीं लगाई जानी चाहिए जो पात्र उम्मीदवारों को उनके ओबीसी एनसीएल प्रमाणपत्र प्राप्त करने से रोके। इस तर्क के आधार पर कोई भी देरी या इन्कार कि पिछला प्रमाण पत्र एक वर्ष से कम समय पहले जारी किया गया था, स्वीकार्य नहीं होगा।