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एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष समेत तीन नेताओं के एचपीयू कैंपस प्रवेश पर प्रतिबंध
Sat, 14 Aug 2021 09:13 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 14 Aug 2021 09:13 PM IST
सार
अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. अरविंद कालिया द्वारा जारी किए गए नोटिस में एनएसयूआई के तीन कार्यकर्ताओं एम यासीन भट्ट (फिजिक्स विभाग), विनोद कुमार (ग्रामीण विकास विभाग) और रजत भारद्वाज (एलएलबी) को कंडक्ट प्रोबेशन (निगरानी में) में रहेंगे।
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हिमाचल प्रदेश विवि
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश विवि के कुलपति कार्यालय के बाहर 31 जुलाई को हुए प्रदर्शन के बाद एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर सहित दो अन्य संगठन नेताओं के परिसर में प्रवेश पर विवि प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिया है। छत्तर सिंह ठाकुर और विवि इकाई अध्यक्ष प्रवीण मिन्हास, बलविंद्र सिंह (बल्लू) को विवि छात्र न होने पर बाहरी लोग करार देकर उनके परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
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अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. अरविंद कालिया द्वारा जारी किए गए नोटिस में एनएसयूआई के तीन कार्यकर्ताओं एम यासीन भट्ट (फिजिक्स विभाग), विनोद कुमार (ग्रामीण विकास विभाग) और रजत भारद्वाज (एलएलबी) को कंडक्ट प्रोबेशन (निगरानी में) में रहेंगे।
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नोटिस में डीएस ने कुलपति द्वारा गठित की गई कमेटी की तीन अगस्त और आठ अगस्त को हुई बैठक का हवाला देते हुए कहा है कि इन छात्रों ने उच्च न्यायालय के 12 मार्च और 01 जून 2011 को जारी आदेशों की बार-बार उल्लंघना करने का दोषी पाया गया है। तीनों छात्रों को एक साल तक के लिए कंडक्ट प्रोबेशन में रखा गया है। संबंधित विभागाध्यक्ष, चीफ वार्डन, वार्डन और विवि के मुख्य सुरक्षा अधिकारी और विवि के अन्य अधिकारी इन छात्रों के कैंपस में व्यवहार और गतिविधियों पर नजर रखेंगे। यदि वे फिर से न्यायालय के आदेशों और विवि के अधिनियम और नियमों की उल्लंघना करते हैं, तो उन्हें निष्कासित कर दिया जाएगा। उधर, कार्रवाई से भड़की एनएसयूआई ने इसे एकतरफा और आंदोलन को दबाने के उद्देश्य से दिया गया एकतरफा फैसला करार दिया है। संगठन ने इसका आने वाले समय में विरोध करने का एलान किया है।
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विवि को नहीं बनने देंगे आरएसएस की प्रयोगशाला: छत्तर सिंह
परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और तीन छात्र नेताओं को कंडक्ट प्रोबेशन में रखे जाने के विवि प्रशासन के फैसले पर भड़के एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा कि विश्वविद्यालय को आरएसएस की प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा। आरोप लगाया कि कुलपति भाजपा विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए कार्य करते रहे हैं। विश्वविद्यालय आम छात्र का है, छात्र नेता भी छात्रों का होता है, इनके परिसर में आने पर किसी को प्रशासन नहीं रोक सकता है। कुलपति बतांए कि विवि में जो भी प्रदर्शन हुए, उसमें किस कर्मचारी और छात्र संगठन के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि विवि प्रशासन के फैसले का विरोध होगा।