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Shimla News: बगलामुखी जयंती कल, मां को पीले वस्त्र करते हैं अर्पित
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आज रात 8:49 बजे से शुरू होगी अष्टमी तिथि
24 अप्रैल को शाम 7:21 बजे तक रहेगी पूजा की तिथि
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हर वर्ष मां बगलामुखी जयंती वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष अष्टमी तिथि 23 अप्रैल को रात 8:49 बजे से शुरू होकर 24 अप्रैल की शाम 7:21 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार 24 अप्रैल को ही बगलामुखी जयंती मनाई जाएगी। ज्योतिष और तंत्र साधना से जुड़े साधकों के लिए यह दिन विशेष ऊर्जा और सिद्धि प्रदान करने वाला माना जाता है।
गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि माता बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या के रूप में पूजित हैं। इन्हें पीतांबरा देवी भी कहा जाता है क्योंकि उन्हें पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दिन पीले रंग का विशेष महत्व होता है। भक्त पीले वस्त्र धारण करते हैं और माता को पीले पुष्प, हल्दी, बेसन के लड्डू, चने की दाल और पीली मिठाइयां अर्पित करते हैं। मान्यता है कि पीला रंग सकारात्मक ऊर्जा, विजय और आत्मविश्वास का प्रतीक है जो साधक के जीवन में सफलता के मार्ग खोलता है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में वर्णन मिलता है कि माता बगलामुखी शत्रुओं की वाणी, बुद्धि और शक्ति को स्तंभित करने वाली देवी हैं। इसलिए न्यायिक विवाद, प्रतियोगिता, शत्रु भय या मानसिक अशांति से मुक्ति पाने के लिए भक्त विशेष रूप से उनकी उपासना करते हैं।
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24 अप्रैल को शाम 7:21 बजे तक रहेगी पूजा की तिथि
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हर वर्ष मां बगलामुखी जयंती वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष अष्टमी तिथि 23 अप्रैल को रात 8:49 बजे से शुरू होकर 24 अप्रैल की शाम 7:21 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार 24 अप्रैल को ही बगलामुखी जयंती मनाई जाएगी। ज्योतिष और तंत्र साधना से जुड़े साधकों के लिए यह दिन विशेष ऊर्जा और सिद्धि प्रदान करने वाला माना जाता है।
गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि माता बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या के रूप में पूजित हैं। इन्हें पीतांबरा देवी भी कहा जाता है क्योंकि उन्हें पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दिन पीले रंग का विशेष महत्व होता है। भक्त पीले वस्त्र धारण करते हैं और माता को पीले पुष्प, हल्दी, बेसन के लड्डू, चने की दाल और पीली मिठाइयां अर्पित करते हैं। मान्यता है कि पीला रंग सकारात्मक ऊर्जा, विजय और आत्मविश्वास का प्रतीक है जो साधक के जीवन में सफलता के मार्ग खोलता है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में वर्णन मिलता है कि माता बगलामुखी शत्रुओं की वाणी, बुद्धि और शक्ति को स्तंभित करने वाली देवी हैं। इसलिए न्यायिक विवाद, प्रतियोगिता, शत्रु भय या मानसिक अशांति से मुक्ति पाने के लिए भक्त विशेष रूप से उनकी उपासना करते हैं।
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