सरकारी स्कूलों में खराब रिजल्ट, सीएम खुद लेंगे अफसरों की क्लास
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स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा के खराब परीक्षा परिणाम की 26 मई को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह समीक्षा करेंगे। शिमला के होटल पीटरहाफ में शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ मुख्यमंत्री की बैठक होगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को रिकॉर्ड सहित तलब किया है।
सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत राज्य परियोजना कार्यालय बैठक कर रहा है। इस दौरान एसएसए और आरएमएसए के कार्यों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में अच्छा रिजल्ट लाने के बावजूद सरकारी स्कूलों के बच्चे मेरिट में स्थान प्राप्त करने से पिछड़ गए हैं।
दसवीं के परिणाम में प्रदेश के 175 सरकारी स्कूलों का परिणाम 100 फीसदी रहा है, जबकि 436 स्कूलों का 91 से 100 प्रतिशत के बीच। इसके बावजूद सरकारी स्कूलों के सिर्फ दो बच्चों को मेरिट में स्थान मिला। बाकी सभी स्थान निजी स्कूलों ने प्राप्त किए हैं।
10वीं के रिजल्ट में 16 स्कूलों का रिजल्ट शून्य
दसवीं के परिणाम में 16 स्कूल फिसड्डी साबित हुए हैं। इन स्कूलों का रिजल्ट शून्य रहा है। दसवीं के 102 स्कूलों का परीक्षा परिणाम 20 प्रतिशत से कम रहा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 20 प्रतिशत से कम परिणाम रहने पर चिंता जताई है। ऐसे में अब 26 मई को होने जा रही बैठक में मुख्यमंत्री शिक्षा विभाग से रिजल्ट खराब होने के कारण पूछेंगे।
25 को उपनिदेशकों से निदेशक की बैठक
शिमला। उच्च शिक्षा निदेशालय में 25 मई को दोपहर दो बजे प्रदेश के सभी जिला उपनिदेशकों की बैठक होगी। बैठक में बीते तीन माह के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। शिक्षकों और गैर शिक्षकों के मामलों को लेकर चर्चा की जाएगी।