आयुर्वेदिक चिकित्सक ने फंदा लगाकर दी जान, सुसाइड नोट में ये लिखा
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पुलिस चौकी बिझड़ी के तहत स्थानीय कस्बा में किराये के कमरे पर रह रहे आयुर्वेदिक चिकित्सक ने बुधवार देर रात को फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र धंगोटा में तैनात था। वह डिप्रेशन में था। पुलिस को मृतक के शव के पास सुसाइड नोट मिला है। इसमें मृतक ने डिप्रेशन व सिर दर्द को अपनी मौत का कारण बताया है।
सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि आप मुझे नहीं बचा सकते, डिप्रेशन ने मुझे मारना ही है, प्लीज फॉरगिव मी। उसने सुसाइड नोट में अपने बच्चों व पत्नी की तारीफ की और माफी मांगी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। वीरवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया गया।
डॉ. अदितेष शर्मा पुत्र योगराज निवासी गांव यान्हवीं डाकघर धमरोल तहसील भोरंज आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र धंगोटा में तैनात था। बिझड़ी में किराये के कमरे में रहता था। घटना के समय उसकी पत्नी अपने दो माह के बेटे और चार साल की बेटी के साथ मायके में थी। वह 24 दिसंबर को अपने ससुराल गया और रात वहां गुजारने के बाद 25 दिसंबर सुबह किराये के कमरे आ गया।
25 दिसंबर को करीब ढाई बजे उसकी पत्नी से बात हुई। उसने कहा कि वह अभी आराम कर रहा है और शाम को वहां आ जाएगा। पांच बजे के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। जब शाम को वह ससुराल नहीं पहुंचा तो उसका ससुर व पत्नी किराये के कमरे में पहुंचे। वहां उसे फंदे पर झूलते देखा। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामला दर्जकर छानबीन शुरू कर दी।
वीरवार को मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। मृतक अपने पिता का इकलौता बेटा था। दो माह के बेटे व चार साल की बेटी और पत्नी को वह पीछे छोड़ गया है। पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर ने कहा कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। शव के पास सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें डिप्रेशन को उसने अपनी मौत का कारण बताया है।