रघुनाथ मंदिर अधिग्रहण मामले में मंत्री कर्ण भी पहुंचे हाईकोर्ट
जिला कुल्लू के रघुनाथ मंदिर के सरकार द्वारा अधिग्रहण के निर्णय को चुनौती देने वाली महेश्वर सिंह की हाईकोर्ट में लंबित याचिका में अब कर्ण सिंह ने भी प्रतिवादी बनने के लिए आवेदन दायर किया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने महेश्वर सिंह को इस आवेदन का जवाब दायर करने के लिये एक सप्ताह का समय दिया है।
अब इस मामले पर सुनवाई 20 अगस्त को होगी। तब तक अधिग्रहण की अधिसूचना पर रोक लगी रहेगी। महेश्वर सिंह के छोटे भाई और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कर्ण सिंह का कहना है कि महेश्वर सिंह द्वारा दायर याचिका में उसे जानबूझ कर पार्टी नहीं बनाया गया जबकि वह महेश्वर सिंह का सगा भाई है।
सरकार पर लगाया है ये आरोप
कर्ण सिंह के अनुसार रघुनाथ मंदिर ढालपुर के फाटी में जिस खसरा नंबर 994 पर बना है। उस पर महल भी बना हुआ है, इस नंबर का मालिक वह भी है। इसलिए वह मामले को सुलझाने में अदालत का मददगार हो सकता है। कर्ण सिंह का कहना है कि उक्त खसरा नंबर पर बने महल व मंदिर को जाने के लिये संयुक्त प्रवेश द्वार है।
उक्त भूमि का सह मालिक व कब्जा धारी होने के चलते उसे भी इस मामले में सुना जाना जरूरी है। बता दें कि रघुनाथ मंदिर के छड़ीबरदार और स्थानीय विधायक महेश्वर सिंह ने सरकार पर आरोप लगाया है कि रघुनाथ मंदिर एक निजी मंदिर है जिसका अधिग्रहण करने का अधिकार उनके पास नहीं है।