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कहां जाएं मरीज, आयुर्वेद डॉक्टर लिख रहे अंग्रेजी दवा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 30 Apr 2014 08:39 AM IST
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आयुर्वेद अस्पताल छोटा शिमला में कुछ डॉक्टर मरीजों को अंग्रेजी दवा लिख रहे हैं। यह दवाएं मरीजों को मजबूरन बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं। ‘अमर उजाला’ ने सोमवार को अस्पताल जाकर पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
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इनमें से आयुर्वेद डॉक्टर ने एक मरीज को एलोपैथी दवा लिखी जबकि आयुर्वेद में इस दवा का विकल्प अस्पताल के दवाखाने में मौजूद था। अस्पताल से मरीजों के लिए मुफ्त दवाएं दी जाती हैं।
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अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि महकमे से मिले दिशा निर्देश के अनुसार केवल आपातकाल में या अस्पताल में दवा न होने की स्थिति में डॉक्टर विकल्प के तौर पर मरीज को एलोपैथी दवाइयां लिख सकता है।
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अस्पताल के पास नहीं कोई जवाब
मगर अस्पताल प्रबंधन से यह जवाब देते नहीं बन पा रहा था कि आयुर्वेद दवा अस्पताल में मौजूद होने के बावजूद संबंधित डॉक्टर बाहर से एलोपैथी दवा क्यों लिख रहे हैं? प्रबंधन केवल एक ही जवाब दे रहा है, जांच की जाएगी।
संदेह के घेरे में आए डॉक्टर का कहना है कि मरीज को बाहर से दवा तब लिखते हैं जब यहां नहीं होती। जब उनसे पूछा गया कि दवा अस्पताल में मौजूद है? तो डॉक्टर ने जवाब दिया कि ओपीडी की मेडिसन लिस्ट में उक्त दवा नहीं थी इसलिए ऐलोपैथी की दवाएं बाहर से लिखीं।
छोटा शिमला आयुर्वेद अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल मेहता ने कहा कि ऐलोपैथी की जो दवाएं पर्ची पर डॉक्टर ने बाहर से मंगवाई है, आयुर्वेद में ये दवाएं अस्पताल में मौजूद हैं। उक्त डॉक्टर ने ऐसा क्यों किया इस बारे में उनसे बात की जाएगी।