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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Atal Tunnel rohtang: pm narendra modi statement over opposition party

अटल टनल के आरपार पीएम मोदी के तरकश से चले कई तीर

Sun, 04 Oct 2020 10:58 AM IST
Krishan Singh सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला, सिस्सू(लाहौल-स्पीति)
सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला, सिस्सू(लाहौल-स्पीति) Published by: Krishan Singh Updated Sun, 04 Oct 2020 10:58 AM IST
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Atal Tunnel rohtang: pm narendra modi statement over opposition party
पीएम मोदी - फोटो : एएनआई

अटल टनल के आरपार मोदी के तरकश से शनिवार को एक साथ कई तीर चले। उनके निशाने पर जहां पिछली यूपीए सरकार रही, वहीं वह विपक्ष पर उसी की भाषा में तंज कसते नजर आए। मोदी ने इस सुरंग के निर्माण में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल के योगदान को भी याद कर सियासी संतुलन साधने की कोशिश की। पड़ोसी देशों की बात कर तिब्बत का अलग से नाम लेकर चीन को भी एक संदेश दिया कि भारत और तिब्बत में सांस्कृतिक एकता है। चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बगैर अटल टनल को उन्होंने देश का सामरिक आत्मविश्वास घोषित किया।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के बीच तीन जनसभाएं अटल टनल के दक्षिणी मुहाने, लाहौल के सिस्सू और कुल्लू के सोलंगनाला में की। हालांकि कोरोना संक्रमण के एहतियात के बीच हिमाचल में यह छोटी जनसभाएं थीं, पर इन पर देश और दुनिया की नजरें गड़ी थीं। मोदी ने यूपीए की पिछली सरकार पर इस नौ किलोमीटर लंबी सामरिक और जन महत्व की सुरंग के बनने में देरी के लिए जिम्मेवार होने सहित सेना को कमजोर करने की साजिश रचने तक की बात की। किसानों के हितों से बिचौलियों के खेल को भी सामने लिया। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर को तीनों जनसभाओं में हिमाचल का छोकरा कहकर उन्होंने विपक्ष को उसी की भाषा में जवाब दिया। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने संसद में अनुराग ऐसे संबोधित किया था तो इससे बवाल मचा था।
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मोदी ने जब कहा कि लाहौल वह रूट है जहां से बौद्ध मत का तिब्बत तक और दूसरे देशों तक प्रचार-प्रसार बढ़ा है, इससे चीन को भी एक संदेश दिया कि सांस्कृतिक रूप से यह क्षेत्र भारत के निकट है। उन्होंने अटल टनल को सामरिक सामर्थ्य का आत्मविश्वास घोषित कर चीन और पाकिस्तान की भी बेचैनी बढ़ाई है, पर किसी का नाम नहीं लिया। जब वह हिमाचल में संगठन में काम कर रहे थे तो उन्होंने और तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल ने मनाली में अटल टनल के निर्माण का प्रस्ताव अटल बिहारी वाजपेयी को दिया था, यह कहकर मोदी ने हिमाचल में सियासी संतुलन बनाने का प्रयास किया। पूर्व मुख्यमंत्रियों शांता और धूमल को जनसभा में नहीं आने की सलाह खुद प्रधानमंत्री कार्यालय ने दी थी तो मोदी लाहौल में धूमल को याद करना नहीं भूले। वह हर मंच पर सीएम जयराम ठाकुर की पीठ भी थपथपाते रहे।

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हिमाचल से फिर गहरा नाता जोड़ गए मोदी

मोदी ने लाहौली और कुल्लवी बोलियों में अटल टनल की बधाई देकर हिमाचल से अपना गहरा नाता जोड़ा। उन्होंने यहां के व्यंजनों, जड़ी-बूटियों, खेती से परिचय साझा किया।

रोहतांग दर्रे के अपने थकाऊ सफर को भी याद किया। साथ ही अपनत्व जताते हुए यहां तक कह गए कि उनका अधिकार हिमाचल पर पता नहीं कितना है, पर हिमाचल का उन पर पूरा अधिकार है।

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