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20 साल में छह गुना बढ़ी अटल टनल रोहतांग की लागत, 237596 मीट्रिक टन सीमेंट इस्तेमाल हुआ

Fri, 02 Oct 2020 07:04 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू/केलांग (लाहौल-स्पीति)
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू/केलांग (लाहौल-स्पीति) Published by: Krishan Singh Updated Fri, 02 Oct 2020 07:04 PM IST
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Atal Tunnel Rohtang costs rise six times in 20 years, 237596 MT cement used
अटल सुंरग रोहतांग - फोटो : अमर उजाला

अटल टनल रोहतांग को बनाने का सपना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिया गांधी ने देखा था, लेकिन इस सपने को उम्मीदों के पंख पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने लगाए थे। 1972 में केलांग पहुंचीं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को पूर्व विधायक लता ठाकुर ने इस समस्या से अवगत करवाया था। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और टशी दावा की दोस्ती ने इसके निर्माण के रास्ते को गति दी। वर्ष 2000 में वाजपेयी ने टशी दावा उर्फ अर्जुन गोपाल के निमंत्रण पर जून 2000 को केलांग पहुंचकर रोहतांग सुरंग के निर्माण की घोषणा की थी।

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उस समय परियोजना का कुल बजट करीब 500 करोड़ रुपये आंका गया था। 2020 पहुंचते टनल निर्माण का बजट छह गुना से भी अधिक 3200 रुपये तक पहुंच गया। वाजपेयी ने 2002 में मनाली के बाहंग से पलचान और साउथ पोर्टल सड़क मार्ग का शिलान्यास किया था। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर 25 दिसंबर, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टनल का नाम अटल टनल रोहतांग रखा। मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा ने कहा कि टनल निर्माण के लिए लाहौल के लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा है।  

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अटल टनल में इस्तेमाल हुआ 237596 मीट्रिक टन सीमेंट

Atal Tunnel Rohtang costs rise six times in 20 years, 237596 MT cement used
अटल सुंरग रोहतांग - फोटो : अमर उजाला

 10040 फीट ऊंचाई पर बनी दुनिया की सबसे लंबी टनल के निर्माण में 2 लाख 37 हजार 596 मीट्रिक टन सीमेंट का इस्तेमाल हुआ है। करीब 3200 करोड़ से तैयार विश्व की इस अत्याधुनिक टनल में पहली बार ऑस्ट्रियन तकनीक का प्रयोग किया गया है। टनल को ड्रिल के बजाय ब्लास्ट से बोरिंग किया गया है। एक साथ दो ट्रैफिक टनल वाली सुरंग के निर्माण में 14508 मीट्रिक टन इस्पात का इस्तेमाल हुआ है। अटल टनल के नीचे एक और आपातकालीन सुरंग है। आपात स्थिति में इससे छोटे वाहनों की आवाजाही संभव है। टनल का साउथ पोर्टल समुद्रतल से 3060 मीटर की ऊंचाई पर है। टनल निर्माण के दौरान पीरपंजाल के गर्भ से 14 लाख क्यूबिक मीट्रिक टन मलबा बाहर निकाला गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन अक्तूबर को अटल टनल का उद्घाटन करेंगे। 9.02 किलोमीटर लंबी अटल टनल रोहतांग के उद्घाटन का देशवासियों के साथ लाहौल-स्पीति के लोगों को बेसब्री से इंतजार है। टनल में हर 150 मीटर पर आपातकाल 4जी की सुविधा है। हर 60 मीटर पर सीसीटीवी कैमरा है। टनल के दोनों छोर पर कंट्रोल रूम है। यहां से हर किसी पर नजर रखी जाती है। टनल के ऊपर दो किलोमीटर ऊंचा पहाड़ है। इससे टनल को हैवी सपोर्ट सिस्टम देना पड़ा है। अटल टनल रोहतांग प्रोजेक्ट के मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर केपी पुरषोत्तमन ने बताया कि लंबाई और ऊंचाई के मामले में यह विश्व में अपनी तरह की पहली सुरंग है।

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