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Mandi News: कॉलेजों में रैगिंग मामले में अटल मेडिकल विश्वविद्यालय नेरचौक सख्त, कमेटियों से तलब की रिपोर्ट

Fri, 22 Sep 2023 10:54 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Published by: Krishan Singh Updated Fri, 22 Sep 2023 10:54 AM IST
सार

विवि ने रिपोर्ट में एंटी रैगिंग कमेटी से पूछा है कि मेडिकल कॉलेजों में एंटी रैगिंग प्रावधानों को किस तरह से लागू किया है। यह भी बताएं कि आखिर कौन से कारण इन रैगिंग के मामलों में जिम्मेदार हैं।

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Atal Medical University NerChowk is strict in the matter of ragging in colleges.
अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस के नए सत्र शुरू होने पर हुई रैगिंग के मामलों पर अटल मेडिकल एंड रिसर्च विवि नेरचौक सख्त हो गई है। विवि प्रबंधन ने तुरंत प्रभाव से इन मामलों में संबंधित मेडिकल कॉलेजों में बनी एंटी रैगिंग कमेटियों से रिपोर्ट तलब की है। आदेशों में मेडिकल विवि ने सख्त लहजे में कहा है कि यह गंभीर विषय है। इससे छात्र छात्राओं का मनोबल गिरता है। उन्होंने कहा कि सीनियर प्रशिक्षुओं की ओर से जूनियर से की जा रही रैगिंग सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है। विवि ने रिपोर्ट में एंटी रैगिंग कमेटी से पूछा है कि मेडिकल कॉलेजों में एंटी रैगिंग प्रावधानों को किस तरह से लागू किया है।

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यह भी बताएं कि आखिर कौन से कारण इन रैगिंग के मामलों में जिम्मेदार हैं। इसमें संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई करें। एंटी रैगिंग कमेटी को कार्रवाई के लिए काफी शक्तियां दी गई हैं। रैगिंग के मामले में कमेटी सख्त कार्रवाई कर सकती है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों के मुताबिक मेडिकल कॉलेजों में सत्र शुरू होने से पहले ही रैगिंग रोकने के लिए आदेश कॉलेज प्रबंधनों को जारी किए जाते हैं। इसमें प्रमुख है कि सत्र शुरू होने के एक सप्ताह तक कैंपस में कोई भी सीनियर प्रशिक्षु नहीं आ सकता है। अगर इस आदेश में कोताही होती है तो संबंधित कमेटी और कॉलेज प्रबंधन भी जवाबदेह होंगे। मेडिकल विवि ने एंटी रैगिंग कमेटियों को ऐसे मामलों को रोकने के लिए उनकी तरफ से जरूरी सुझाव भी देने को कहा है।
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रैगिंग के मामलों पर एंटी रैगिंग कमेटी से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के मुताबिक कमेटी और इसमें लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी।- डॉ प्रवीण शर्मा, परीक्षा नियंत्रक, अटल मेडिकल एंड रिसर्च विश्वविद्यालय
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अब तक के रैगिंग के मामलों में इस तरह हुई कार्रवाई
बता दें कि अब तक नेरचौक मेडिकल कॉलेज और टांडा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के मामले सामाने आए हैं। एंटी रैगिंग कमेटी ने कार्रवाई करते हुए नेरचौक मेडिकल कॉलेज में छह छात्र छात्राओं को छह माह के लिए हॉस्टल से और तीन माह के लिए शैक्षणिक सत्र से हटाया गया है। वहीं, टांडा मेडिकल कॉलेज में 12 प्रशिक्षु डॉक्टरों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।


यह है प्रावधान
यह है रैगिंग रोकने के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने भारतीय मेडिकल काउंसिल अधिनियम, 1956 की धारा 33 के तहत मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने मेडिकल कॉलेजों, संस्थानों में रैगिंग की रोकथाम और निषेध विनियम, 2009 बनाया है। इसके अनुसार रैगिंग करने वालों को कॉलेज और हॉस्टल से निलंबित करना, उनकी परीक्षा और परिणामाें को रोकना, जुर्माना, अन्य काॅलेजों में प्रवेश पर रोक का प्रावधान किया है। इसके अलावा रैगिंग करने वाले एक छात्र की पहचान नहीं होने पर पूरे समूह पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

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