विधानसभा सत्र: सीएम जयराम बोले- विपक्ष के सदस्य सदन में तथ्यों के साथ बोलें तो अच्छा होगा
कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ने जब सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के दौरान मंडी में ऊर्जा नीति घोषित नहीं कर पाने और अन्य मसलों को उठाया तो जैसे ही सुंदर सिंह सीट पर बैठे तो मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर जवाबी हमला बोल दिया।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को सदन में विपक्ष पर ऊर्जा नीति के मुद्दे और अन्य विषयों पर जवाबी हमला करते हुए कहा कि विपक्ष के सदस्य सदन में तथ्यों के साथ बोलें तो अच्छा होगा। कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ने जब सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के दौरान मंडी में ऊर्जा नीति घोषित नहीं कर पाने और अन्य मसलों को उठाया तो जैसे ही सुंदर सिंह सीट पर बैठे तो मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर जवाबी हमला बोल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में कहने से पहले तथ्यों को ध्यान में रखा जाए, जिससे वस्तुस्थिति सामने आ सके। सदन में बोलने और जनसभा में बोलने में अंतर होता है। सदन में तथ्यों के साथ बोला जाता है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में राज्य की बिजली नीति नहीं घोषित होनी थी, क्योंकि ऐसे कार्यक्रमों की अलग गरिमा होती है। गलत सूचना को लेकर सदन में नहीं बोला जाना चाहिए।
लोग भी सुनते हैं कि उनके प्रतिनिधि क्या बोलते हैं। इस पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री को गुस्सा क्यों आता है। चर्चा में हिस्सा लेते हुए मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि विपक्ष बढ़ा चढ़ाकर सदन में बातें कर रहे हैं जबकि इनमें कोई तथ्य नहीं है। मंत्री सुखराम ने कहा कि पूर्व सरकार में सोलर लाइटें महंगी खरीदी गईं। विधायक रमेश धवाला ने कहा कि सदन में तथ्यों के साथ मुद्दे उठाएं। मंत्री विक्रम ठाकुर ने कहा कि शराब कांड के बाद कुल 9 करोड़ 6 लाख 66 हजार का जुर्माना किया है। विधायक राम लाल ठाकुर ने कहा कि बिलासपुर में मछली पालन पर विपरीत असर पड़ रहा है और चार हजार मछुआरों पर संकट है। चर्चा में विधायक आशीष बुटेल, जेआर कटवाल, कर्नल धनी राम शांडिल, होशियार सिंह, हीरा लाल और मूलखराज ने हिस्सा लेते हुए अपनी बात रखी।