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Himachal: अशोक गहलोत बोले- ईडी ने देश में मचाया आतंक, 98 फीसदी केस विपक्षी दलों के नेताओं पर

Tue, 22 Apr 2025 06:00 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 22 Apr 2025 06:00 PM IST
सार

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया व राहुल गांधी के खिलाफ चार्चशीट दायर करना पूरी तरह से बदले की भावना से की कार्रवाई है। यह बहुत दुखद है। 

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Ashok Gehlot said- ED's chargesheet against Sonia and Rahul is an act of vendeta
राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने की प्रेस वार्ता। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि ईडी ने पूरे देश में आतंक मचाया है। ईडी में दर्ज 98 फीसदी मामले विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ दर्ज हैं। कांग्रेस भारत वर्ष की विरासत है। इसे मोदी सरकार निपटाने में लगी है। गहलोत ने कहा कि नेशनल हेराल्ड का केस गांधी परिवार को निशाना बनाने के लिए खोला गया है। राहुल गांधी से केंद्र सरकार घबराई हुई है। ईडी ने करीब 193 केस दर्ज किए हैं। इनमें से केवल दो केस ही साबित हो पाए हैं। सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग का दुरुपयोग किया जा रहा है। कांग्रेस ने देश की आजादी के लिए बलिदान दिया है। देश का हर नागरिक जानता है कि इस आजादी में गांधी परिवार का कितना योगदान रहा। नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की शुरुआत वर्ष 1937 में हुई। एसोसिएट जनरल पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनाकर इसका प्रकाशन शुरू किया गया।

पंडित नेहरू ने आजादी के आंदोलन को गति देने के लिए इसे शुरू किया। हिंदी में नवजीवन और उर्दू में भी इसका प्रकाशन शुरू किया। आर्थिक हालात के कारण नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन बंद हो गया। उस घाटे से उभारने के लिए कांग्रेस ने कंपनी की मदद की और 100 ट्रांजेक्शन से 10 साल में 90 करोड़ दिए और यंग इंडिया के नाम से नई कंपनी बनाई गई। अब सोची समझी साजिश में समाचार पत्र और कांग्रेस को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में केस कराने वाले सुब्रमण्यम स्वामी पीछे हट गए है। ईडी ने केस बंद कर दिया था। अब गांधी परिवार को निशाना बनाने के लिए फिर से जांच शुरू हुई है।   कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया व राहुल गांधी के खिलाफ चार्चशीट दायर करना पूरी तरह से बदले की भावना से की कार्रवाई है। यह बहुत दुखद है। कहा कि फासीवादी ताकतें देश की सत्ता में बैठ गई हैं। इससे देश के लोकतंत्र को खतरा पैदा हो रहा है। देख किस दिशा में जाएगा, कोई नहीं जानता। इन हालातों में देश में भय का माहाैल है। देश में ध्रुवीकरण की राजनीति हो रही है जोकि देश हित में नहीं है।  गहलोत ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर पार्टी हाईकमान ही फैसला लेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मंत्री विक्रमादित्य सिंह, अनिरूद्ध सिंह, विधायक कुलदीप सिंह राठौर, पूर्व मंत्री आशा कुमारी, रामलाल ठाकुर, नरेश चौहान, यशवंत छाजटा मौजूद रहे।


 

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केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा व अजय टम्टा के बयान पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किया पलटवार
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा के बयान पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पलटवार किया है।  टम्टा ने शिमला में कहा था कि केंद्र सरकार के विभिन्न परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार सहयोग नहीं कर रही है। इस पर सीएम सुक्खू ने कहा कि भूमि अधिग्रहण का कानून केंद्र सरकार है और केंद्र के कानून को कोई रोक नहीं सकता है। प्रदेश में नेशनल हाईवे व रेल परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य चल हुआ है। जब अधिग्रहण हो रहा है तो प्रदेश सरकार इसमे कहां रुकावट डाल रही है? मेरे कार्यकाल में तो इस कार्य में तेजी आई है। जयराम ठाकुर के कार्यकाल में तो शिमला-मटाैर, नालागढ़-पिंजाैर, पठानकोट-मंडी फोरलेन के 1800 करोड़ ट्रेजरी में तीन साल तक पड़े रहे। हमने तीन महीने में भूमि मालिकों को मुआवजा दिलाने के कार्य को गति दी।  इस प्रकार का झूठा प्रचार करने का स्वभाव भाजपा का बन चुका है, उसका किस तरह जवाब देना है इसकी रणनीति विधायक दल की बैठक में बनाई जाएगी।  भाजपा भ्रामक व झूठा प्रचार करती है। सीएम ने कहा कि मेडिकल डिवाइस पार्क के नाम पर प्रदेश की संपदा को लुटाने की कोशिश की गई। 15,00 बीघा जमीन मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए 12 लाख रुपये में दे दी गई। उसमें ये शर्त थी कि उद्योगपत्तियों को एक रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से जगह दी जाएगी। यह प्रदेश की संपदा को लुटाना है। पार्क में उद्योगपत्तियों को 10 साल तक बिजली तीन रुपये प्रति यूनिट दी जाएगी, जबकि सरकार अक्तूबर से मार्च तक सात रुपये प्रति यूनिट पर खुद बिजली खरीदती है। उद्योग लगाने वाले 10 साल तक पानी का बिल नहीं लेंगे। ये कहां का मेडिकल डिवाइस पार्क है। इसलिए केंद्र सरकार के हिस्से को बयाज सहित लाैटाया गया

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