Asha Worker Recruitment: हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में आठवीं और शहरी में दसवीं पास ही बनेंगी आशा वर्कर
प्रदेश सरकार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आशा वर्करों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। हिमाचल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत इनकी तैनाती की जाएगी।
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों में 780 आशा वर्करों की तैनाती के लिए योग्यता तय की है। ग्रामीण क्षेत्रों में आठवीं जबकि शहरी क्षेत्रों में महिलाएं दसवीं पास होना अनिवार्य किया है। 25 से 45 साल आयु वर्ग की महिलाएं आशा वर्कर बनने के लिए आवेदन कर सकेगी। मंत्रिमंडल की बैठक से से मंजूरी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भर्ती प्रक्रिया की तैयारियां शुरू कर दी है। प्रदेश सरकार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आशा वर्करों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। हिमाचल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत इनकी तैनाती की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में आशा वर्करों की तैनाती की जाती थी, अब शहरी क्षेत्रों में भी इन्हें रखा जाना है। वर्तमान समय में 7964 आशा है। 780 नई वर्करों की तैनाती किए जाने से इनकी संख्या 8744 हो जाएगी। आशा वर्करों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने, उपलब्ध सेवाओं के उपभोग के लिए परामर्श देने, जटिल मामलों में सेवाएं प्रदान कर स्वास्थ्य सेवा केंद्र पहुंचाने का कार्य कर रही है। एनएचएम के निदेशक हेमराज बैरवा ने कहा कि आवेदक संबंधित गाँव की विवाहित, विधवा और परित्यक्ता महिला होनी चाहिए।