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सीएम का मनी लांड्रिंग मामला एक लाख करोड़ का : अरुण
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
Updated Thu, 19 Nov 2015 11:26 PM IST
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पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के बेटे एवं एचपीसीए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरुण धूमल ने धर्मशाला से मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। एचपीसीए स्टेडियम में प्रेस वार्ता कर अरुण धूमल ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जा रही जांच यूपीए सरकार के समय दर्ज शिकायत पर की जा रही है न कि किसी नई शिकायत के आधार पर।
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दावा किया कि मनी लांड्रिंग मामले में दर्ज शिकायत सिर्फ 6.5 करोड़ की नहीं है। इस मामले की अगर न्यायालय में सीबीआई चार्जशीट दाखिल करेगी तो मनी लांड्रिंग मामला एक लाख करोड़ से अधिक का निकलेगा। इस सारे घोटाले के साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं। समय आने पर इसका खुलासा करूंगा। पहले भी सीएम वीरभद्र सिंह ने 3 अक्तूबर 2013 को एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और मेरे ऊपर धर्मशाला के समीप 32 मरले भूमि खरीद करने पर धारा 420 का एक मामला विजिलेंस में दर्ज करवाया था।
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जांच में क्या पाया गया, इसका निष्कर्ष आज दिन तक स्पष्ट नहीं हुआ। 7 अक्तूबर 2014 को विजिलेंस विभाग ने न्यायालय में इस मामले की क्लोजर रिपोर्ट दायर कर दी। अरुण धूमल ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के दो-दो पैन कार्ड होने के मामले को तूल देना तथ्यविहीन करार दिया। उन्होंने बताया कि दो-दो कार्ड इसलिए हैं कि पूर्व में बनाए गए एक कार्ड में स्पेलिंग मिस्टेक थी जिसके चलते विभाग ने दूसरा कार्ड जारी किया।
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इसके विपरीत प्रियंका गांधी के तीन-तीन डीन नंबर हैं। जिसके लिए उन्होंने आवेदन भी किया हुआ था जबकि कानून एक व्यक्ति को एक ही डीन नंबर जारी होता है। मुख्यमंत्री की ओर से नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेम कुमार धूमल व उनके परिवार की संपत्तियों का खुलासा करने के दिए जा रहे बयानों पर अरुण धूमल ने कहा कि विजिलेंस विभाग द्वारा प्रदेश में जिन 31 संपत्तियों का उल्लेख किया जा रहा है, ये संपत्तियां उनके परिवार से संबंधित नहीं हैं।