विधानसभा में गूंजा आरट्रैक और एसजेवीएनएल का मामला, सीएम ने दिया ये जवाब
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि शिमला से आरट्रैक (सेना प्रशिक्षण कमान) ले जाने की प्रदेश सरकार को कोई जानकारी नहीं है। अगर कमांड को शिमला से ले जाने पर कहीं व किसी स्तर पर विचार चल रहा होगा तो इसे यहां से ले जाने नहीं दिया जाएगा।
इसको लेकर चाहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लिखित पत्र या जुबानी बात क्यों न करनी पड़े। आरट्रैक हिमाचल की शान है। शिमला के साथ इसका इतिहास जुड़ा है। दरअसल, विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने वीरवार को विधानसभा में प्वाइंट आफ आर्डर के तहत आरट्रैक छीनने संबंधित प्रस्ताव लाया।
इसके जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन में विश्वास दिलाया कि ऐसा किसी भी सूरत में होने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एसजेवीएनएल को एनटीपीसी में विलय नहीं होने दिया जाएगा। इसको लेकर केंद्र सरकार से बात हो चुकी है।
युद्ध की रणनीति शिमला के इस आरट्रैक पर बनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरट्रैक का ऐतिहासिक महत्व है। सामरिक दृष्टि से यह बहुत महत्वपूर्ण है। युद्ध की रणनीति शिमला के इस आरट्रैक पर बनी है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सेना प्रशिक्षण कमान को अंबाला ले जाने की बात कही जा रही है।
6 महीने के भीतर इसे ले जाने की बात कही गई है। अगर ऐसा होता है तो शिमला को बड़ा नुकसान होगा। इस आरट्रैक में एक हजार से ज्यादा कर्मचारी आउटसोर्स पर काम कर रहे हैं, उनकी नौकरी चली जाएगी। हिमाचल के लोगों ने आर्मी को सहयोग किया है, इस संस्थान का जाना छोटी बात नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास इस बारे में कोई जानकारी नहीं आई है, अगर शिफ्ट होने की कहीं भी तैयारी चल रही है तो इसे नहीं जाने दिया जाएगा। मुकेश ने एसजेवीएनएल के शिफ्ट होने का भी मामला उठाया।