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Kumaon Regiment: एक रात में 30 किमी पैदल चल मेजर अशोक ने टीम के साथ फतह की दुर्गाकोट चोटी
Sun, 22 May 2022 08:48 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 22 May 2022 08:48 PM IST
सार
धर्मशाला के मेजर अशोक कपूर ने इससे पहले नेपाल की 8,586 मीटर उंची चोटी कंचनजंघा और माउंट मेटाहॉर्न चोटी (4,478 मीटर) को भी फतह कर चुके हैं।
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दुर्गाकोट चोटी पर तिरंगे के साथ पर्वतारोही दल।
- फोटो : संवाद
विस्तार
सेना की कुमाऊं रेजिमेंट के पर्वतारोही दल ने सुंदर ढूंगा घाटी में 5,818 मीटर ऊंची दुर्गाकोट चोटी फतह करने में कामयाबी हासिल की है। विपरीत हालात में रात के समय चोटी पर चढ़ाई की और सूर्योदय से पहले चोटी पर तिरंगा फहराया। धर्मशाला के सिद्धबाड़ी निवासी मेजर अशोक कपूर के नेतृत्व में सेना के 30 सदस्यों का दल नौ मई को रानीखेत से रवाना होकर कपकोट के खर्किया पहुंचा था। 10 मई को दल खर्किया से जांतोली होते हुए कठलिया तक गया।
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कठलिया में दल के सदस्य मौसम से सामंजस्य बैठाने के लिए पांच दिन तक वहीं रुके। जिसके बाद बेस कैंप सुखराम को रवाना हुए। सुखराम से आगे दल कैंप-एक और कैंप-दो के लिए रवाना हुआ। 19 मई को दल के सदस्यों ने रात के समय कैंप वन से ट्रैकिंग शुरू की और लगातार 30 किलोमीटर पैदल चले। पूरी रात चलने के बाद पर्वतारोहियों के दल ने 20 मई की सुबह छह बजे माउंट दुर्गाकोट की चोटी को फतह करने में कामयाब हासिल की।
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कंचनजंघा, मेटाहॉर्न चोटी की फतह कर चुके हैं मेजर अशोक
धर्मशाला के मेजर अशोक कपूर ने इससे पहले नेपाल की 8,586 मीटर उंची चोटी कंचनजंघा और माउंट मेटाहॉर्न चोटी (4,478 मीटर) को भी फतह कर चुके हैं। इसके अलावा एशियन खेलों में तिरंगा लेकर भारतीय दल की अगुवाई भी कर चुके है।
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भारतीय सेना के जवानों पर गर्व : बृजलाल कपूर
मेजर अशोक कपूर के पिता बृजलाल कपूर ने बताया कि बेटे और सेना के जवानों की कामयाबी पर उन्हें नाज है। देश की सेवा के साथ उन्होंने विभिन्न चोटियों को फतह कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है।