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आर्मी जवान ने खुद को मारी गोली, परिजन बोले की गई हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, स्वारघाट (बिलासपुर)
Updated Tue, 28 Mar 2017 09:23 AM IST
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आर्मी यूनिट में जवान द्वारा सर्विस राइफल से खुद को खोली मारने के मामले में परिजनों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। परिजनों का कहना है कि उनका बेटा हाल ही में छुट्टी काटकर गया था। ऐसी कोई वजह नहीं थी कि वह आत्महत्या करता। उन्होंने कहा कि सेना मामले को छुपा रही है। परिजनों का कहना है कि उनके बेटे की हत्या हुई है या फिर किसी आतंकी हमले में उनके बेटे को मारा गया है।
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लेकिन सेना पूरे मामले पर पर्दा डाल रही हैं। वहीं बेटे को राजकीय सम्मान न मिलने पर भी परिजनों और क्षेत्र के लोगों में गुस्सा है। गुस्साए लोगों ने तीन घंटे तक अंतिम संस्कार नहीं होने दिया। लोगों का कहना था कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और उनके बेटे को पूरा राजकीय सम्मान मिले। बाद में क्षेत्र के विधायक और तहसीलदार के हस्तक्षेप के बाद लोगों को शांत किया गया।
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यह है पूरा मामला
कुलदीप सिंह पुत्र मौजी राम साल 2000 में सेना में भर्ती हुआ था। कुछ दिन पहले ही नायक पद पर पदोन्नत होकर पठानकोट आर्मी हेडक्वार्टर में तैनात हुआ। कुलदीप सिंह की रविवार सुबह पठानकोट में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।
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कुलदीप के कान के नीचे से गोली आर-पार हुई है। परिजनों को रविवार को ही आत्महत्या की सूचना फोन के माध्यम से मिली थी। जवान की मौत से गांव में मातम का माहौल है। जवान अपने पीछे पत्नी अनीता देवी, बेटे मोहित व बेटी मनीषा को छोड़ गया है।
करीब तीन घंटे बाद शव को दी मुखाग्नि
जवान का शव सोमवार सुबह ही उसके पैतृक गांव धरा लाया गया था और शव को दाहसंस्कार के लिए कीरतपुर के पातालपुरी ले जाया गया। परिजन यह मानने को तैयार नहीं थे कि उनके बेटे ने आत्महत्या की है।
मौके पर पहुंचे सेना के जवानों के माध्यम से नयना देवी के विधायक रणधीर शर्मा व स्वारघाट के तहसीलदार जसपाल ने कर्नल से बात करने के बाद परिजनों को बड़ी मुश्किल से समझा-बुझाकर अंतिम संस्कार करवाया। करीब तीन घंटे बाद शव को मुखाग्नि दी गई।