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सेना दिवस विशेष: देश का पहला परमवीर चक्र पाने का गौरव हिमाचल के कांगड़ा के नाम

Sat, 15 Jan 2022 03:42 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 15 Jan 2022 03:42 PM IST
सार

मेजर सोमनाथ शर्मा को मरणोपरांत परमवीर चक्र से नवाजा गया था, जबकि कारगिल युद्ध में दिल मांगे मोर का नारा देने वाले कैप्टन बिक्रम बत्तरा कांगड़ा से दूसरे ऐसे जवान थे। जिन्हें कारगिल युद्ध में बहादुरी से दुश्मन को हराने और शहादत पाने पर परमवीर चक्र से नवाजा गया है। 

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Army Day Special: Himachal's bravery to get the country's first Param Vir Chakra
हिमाचल के नाम चार परमवीर चक्र - फोटो : संवाद

विस्तार

भारतीय सेना 74वां सेना दिवस मना रही है। सबसे बड़े चक्र परमवीर को हासिल करने का गौरव जिला कांगड़ा के नाम दर्ज है। देश में अब तक दिए गए कुल 21 परमवीर चक्रों में से चार परमवीर चक्र हिमाचल प्रदेश के नाम हैं। इनमें से दो सैनिक कांगड़ा से संबंध रखते हैं। मेजर सोमनाथ शर्मा को मरणोपरांत परमवीर चक्र से नवाजा गया था, जबकि कारगिल युद्ध में दिल मांगे मोर का नारा देने वाले कैप्टन बिक्रम बत्तरा कांगड़ा से दूसरे ऐसे जवान थे। जिन्हें कारगिल युद्ध में बहादुरी से दुश्मन को हराने और शहादत पाने पर परमवीर चक्र से नवाजा गया है। इसके अलावा बिलासपुर के संजय कुमार भी परमवीर चक्र से सम्मानित हो चुके हैं। कांगड़ा में मौजूदा समय में डेढ़ लाख के करीब पूर्व सैनिक हैं, जबकि कांगड़ा से शहीद होने वाले सैनिकों का आंकड़ा 500 से अधिक हैं। अकेले कारगिल युद्ध में ही शहीद हुए प्रदेश के कुल 54 शहीदों में 15 सैनिक जिला कांगड़ा से ही संबंध रखते थे। 

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मेजर सोमनाथ शर्मा की प्रतिमा लगाने के लिए हो रहा संघर्ष

देश के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा की यादगार में पालमपुर विस क्षेत्र के पैतृक गांव अपर डाढ में कोई स्मृति स्थल न होने पर अब सवाल उठ रहे हैं। मेजर सोमनाथ को पहला परमवीर चक्र मिला था, लेकिन आज तक डाढ में मेजर सोमनाथ की याद में कोई स्मृति स्थल नहीं बन पाया है। आजादी मिलने के बाद तीन नवंबर 1947 को पालमपुर के अपर डाढ के निवासी मेजर सोमनाथ शर्मा शहीद हुए थे। उनकी बहादुरी पर उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र मिला था। अफसोस है कि आज दिन तक किसी भी सरकार ने भारतीय सेना के इस पहले परमवीर चक्र विजेता के गांव में किसी प्रकार का कोई निर्माण नहीं करवाया।

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वार मेमोरियल की अनदेखी शहीदों का अपमान: मनकोटिया

शहीद स्मारक धर्मशाला में बन रहे युद्ध संग्रहालय की अनदेखी को पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने शहीदों का अपमान बताया है। उनका कहना है कि जब प्रदेश के सैनिक और यहां चल रही बटालियनें युद्ध संग्रहालय के जीर्णोद्धार के लिए मदद करने को तैयार हैं तो प्रदेश सरकार का ढुलमुल रवैया समझ से परे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की अनदेखी के कारण ही यह युद्ध संग्रहालय पिछले करीब चार साल से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। 

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