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सेना की कैंटीन भी आरटीआई के दायरे में, प्रार्थी को देनी होगी सूचना

Thu, 14 Feb 2019 12:31 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 14 Feb 2019 12:31 PM IST
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Army Canteen comes under right to information act

आर्मी कैंटीन प्रबंधन को भी कैंटीन के हर कार्य की जानकारी अब सूचना के अधिकार के तहत देनी होगी। दिल्ली स्थित सेना भवन कार्यालय के जन सूचना अधिकारी लै. कर्नल राम नरेश शर्मा ने कहा है कि कैंटीन में जो भी कार्य हो रहा है, अगर कोई उसकी सूचना मांगता है तो प्रार्थी को सूचना मुहैया करवाई जाए। अगर सूचना आप के पास नहीं है तो प्रार्थना पत्र संबंधित विभाग को भेजें। 

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पूर्व सैनिक मदनलाल शर्मा ने सेना की कैंटीन घुमारवीं में अलग-अलग दिनांक को चार आवेदन कर जानकारी मांगी थी, लेकिन प्रबंधन ने यह जानकारी दी कि कैंटीन आरटीआई के दायरे में नहीं आती है।
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इस पर पूर्व सैनिक ने मुंबई स्थित कार्यालय कैंटीन स्टोर में अपील दायर की। इस अपील का निपटारा करने वाले और जानकारी देने को विभाग ने करीब सात महीने का वक्त लगा दिया। उसके बाद उपरोक्त कार्यालय ने सूचना देने बारे दिल्ली को स्थानांतरित किया था।
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ये है आरोप
पूर्व सैनिक मदन लाल शर्मा का आरोप है कि घुमारवीं कैंटीन से प्रभावशाली लोगों को कैंटीन प्रबंधक तथा कर्मचारियों ने संरक्षण दे रखा है। जो पात्र सैनिक हैं, उन्हें लाइन में खड़ा किया जाता है। प्रभावशाली और रसूखदार लोगों को सीधे अंदर भेजा जाता है।


ऐसे लोगों के पास न कार्ड होता है और न ही वे सेना की इस कैंटीन का लाभ लेने के पात्र हैं। जब इस बारे में कैंटीन प्रबंधक से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह आरटीआई के दायरे में नहीं आते हैं। इसके बाद उन्होंने पूर्व सैनिक ने उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजी थी।

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