हिमाचल में गडकरी के ड्रीम प्रोजेक्ट के एस्टीमेट को मंजूरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय भूतल एवं परिवहन ने हिमाचल में नितिन गडकरी के ड्रीम प्रोजेक्ट हमीरपुर-मंडी (एनएच 70) और पांवटा-गुम्मा-फेड़ज पुल सड़क को डबललेन बनाए जाने के एस्टिमेट को मंजूरी दे दी है। इन दोनों प्रोजेक्टों में 2700 करोड़ खर्च होंगे और जापान की तकनीक इस्तेमाल की जाएगी। जहां आबादी होगी, वहां बाईपास बनेंगे। सरकार का मानना है कि आबादी वाले क्षेत्रों को डिस्टर्ब नहीं किया जाएगा।
यह प्रोजेक्ट केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय के अधीन रहेंगे और काम लोक निर्माण विभाग की देखरेख में होगा। केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने हमीरपुर-मंडी प्रोजेक्ट जमीन अधिग्रहण और फारेस्ट क्लीयरेंस को लेकर 4 जून को उपायुक्त, नेशनल हाईवे और संबंधित अधिकारियों की मंडी में बैठक बुला ली है। केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय ने इन दोनों प्रोजेक्ट को नेशनल हाईवे कॉरिडोर प्रोजेक्ट का नाम दिया है।
इसकी खासियत यह है कि इसमें बिजली का इस्तेमाल नहीं होगा सोलर एनर्जी इस्तेमाल की जाएगी। पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा। सड़क निर्माण के दौरान मशीनरियां पेट्रोल-डीजल के बजाय सोलर सिस्टम से चलेंगी। सड़कों के किनारे भी सोलर लाइटें लगेंगी। इन दोनों प्रोजेक्टों पर 2700 करोड़ की राशि खर्च होगी। वर्ल्ड बैंक का भी इसमें 50 फीसदी शेयर रहेगा।
105-105 किलोमीटर होगी दोनों सड़कों की लंबाई
मंडी-हमीरपुर सड़क 105 किलोमीटर होगी। यह सड़क टौणीदेवी, अवाहदेवी, सरकाघाट, धर्मपुर कोटली होकर मंडी जाएगी। पांवटा-शिलाई-फेड़ज सड़क की लंबाई भी 105 किलोमीटर है। इन दोनों प्रोजेक्ट की फोरेस्ट क्लीयरेंस फाइनल स्टेज पर है।
अब काम अवार्ड करने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। यह दोनों रोड अभी सिंगल लेन हैं। आए दिन इन सड़कों पर हादसे होते रहते हैं। मोड़ तीखे होने से कोई लोग अपनी जान तक गवां चुके हैं।