ईसी बैठक: एचपीयू में वाईएस परमार के बाद अब वीरभद्र की पीठ होगी स्थापित, गैर शिक्षकों के 274 पदों के लिए दोबारा मांगे जाएंगे आवेदन
कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि एचपीयू में देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुल्ले, संत गुरु रविदास पीठ और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पीठ स्थापित की जाएगी।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में विभिन्न श्रेणियों के 274 पदों को दोबारा विज्ञापित किया जाएगा। वित्त समिति में चतुर्थ से तृतीय श्रेणी में पदोन्नत किए गए लिपिकों के लिए छह माह के कंप्यूटर सर्टिफिकेट कोर्स की शर्त को माफ कर दिया गया है। एमफिल, एलएलएम, एमटेक एवं पीएचडी छात्र-छात्राओं को शोध कार्यों को बिना अतिरिक्त शुल्क 31 दिसंबर तक जमा करने की अनुमति दी गई है। ये फैसले शनिवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद (ईसी) की बैठक में लिए गए हैं।
कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि एचपीयू में देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुल्ले, संत गुरु रविदास पीठ और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पीठ स्थापित की जाएगी। डॉ. वाईएस परमार पीठ की स्थापना के बाद ये प्रदेश के किसी राजनेता की दूसरी पीठ होगी। पंचायत सचिव पदों के लिए जल्द परीक्षा तिथि तय की जाएगी। राजधानी शिमला के आरकेएवमी की 2017-20 बैच की 16 छात्राओं की कंप्यूटर विषय के बदले जाने के कारण पैदा हुई समस्या का समाधान कर राहत दी गई है। छात्राओं को पुराना सिलेबस पढ़ा दिया था। बीएससी की इन छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पुरानी परीक्षाओं के परिणाम के आधार पर ही अंक देकर डिग्री देने का फैसला लिया गया है।
ये फैसले भी लिए
प्राध्यापकों की सीधी भर्ती के लिए आरक्षण के 200 अंक मॉडल रोस्टर के तहत आरक्षित रिक्तियों को पुन:आरक्षण के कार्यान्वयन/पुनरीक्षण की सिफारिशें स्वीकृत। इसके अनुसार रिक्त रहे पदों को कनवर्ट कर ओपन से भरा जाना है। एचपीयू के हर विभाग में नवनियुक्त सहायक आचार्य तथा एचपीयू से संबद्ध महाविद्यालयों के सहायक आचार्यों को पीएचडी करने के लिए स्वीकृत सीटों के अतिरिक्त एक-एक सीट को मंजूरी दी गई।
- 10 सह कुलसचिव, 20 सहायक कुल सचिव, 25 अनुभाग अधिकारी और अन्य श्रेणी के नए पद स्वीकृति के लिए प्रदेश सरकार को भेजने की सिफारिश
- कुल सचिव को सहायक अभियंता की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट हेतु समीक्षा अधिकारी के रूप में शामिल करने, एमबीबीएस की छात्रा शुभांगी शर्मा को लेकर न्यायालय के जारी आदेशों को लागू करने को मंजूरी
- बीबीएम कॉलेज मल्कवाल, तहसील नूरपुर, जिला कांगड़ा को सत्र 2021-22 से भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान, भू-विज्ञान एवं गणित विषयों में बीएससी और एमएससी को अस्थायी संबद्धता की स्वीकृति
- दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 34 के तहत दिव्यांगों के पदों की पहचान के लिए समिति की सिफारिशों को स्वीकृति
- परीक्षा शाखा-।। भाग-5 में चार छात्र/छात्राओं के भविष्य को मद्देनजर रखते हुए उनके परीक्षा परिणाम को यथावत रखने की मंजूरी
सभी सरकारी और संबद्ध कॉलेजों का होगा निरीक्षण
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों का उच्च न्यायालय के आदेशों पर गठित विवि की निरीक्षण समिति जल्द निरीक्षण शुरू करेगी। प्रदेश विवि के कुलसचिव ने सभी सरकारी और संबद्ध कॉलेजों को जारी सर्कुलर में कहा कि शैक्षणिक सत्र 2021-22 में बैच बैठाने के लिए आवश्यक सुविधाओं, बैठने की व्यवस्था, शिक्षकों, छात्रों की संख्या सहित हर तरह की जानकारी तैयार रखें।
इसे निरीक्षण कमेटी को दिखाना होगा। इसके आधार पर न्यायालय के आदेशों के अनुसार निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की जानी है। इसमें कहा गया है कि विवि की यह कमेटी कभी भी किसी भी कॉलेज का निरीक्षण कर सकती है। कॉलेजों को निरीक्षण कमेटी के ठहरने आदि की व्यवस्था कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार करने के लिए कहा गया है।
हजारों ने दी एचपीयू मेट और बीएड की प्रवेश परीक्षा
उधर, प्रदेश विश्वविद्यालय ने शनिवार को एचपीयू मेट-2021 और बीएड की प्रवेश परीक्षाएं लीं। हजारों विद्यार्थियों ने दोनों परीक्षाओं में हिस्सा लिया। एमबीए में प्रवेश के लिए प्रदेश में स्थापित दस केंद्रों में एचपीयू मेट परीक्षा हुई। यह परीक्षा दोपहर बाद तीन से पांच बजे तक हुई। इसमें 1298 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इसके लिए एचपीयू में भी तीन केंद्र बनाए गए थे। सुबह के सत्र में 11 से एक बजे तक विवि समेत प्रदेश में बनाए 56 केंद्रों में बीएड की प्रवेश परीक्षा ली गई। इसमें 16 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने उपस्थिति दर्ज करवाई।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने कहा कि कोरोना को लेकर जारी एसओपी के तहत ही प्रवेश परीक्षाएं करवाई गईं। किसी भी केंद्र से कोई शिकायत नहीं मिली है। उधर, मौसम खराब रहने के मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के चलते बीएड की प्रवेश परीक्षा देने के लिए विद्यार्थियों को केंद्र तक पहुंचने में दिक्कतें झेलनी पड़ीं। एचपीयू में छात्र-छात्राओं को ओवरलोड बसों में पहुंचना पड़ा। इससे कोरोना काल में 50 फीसदी सवारियाें की क्षमता के साथ बसें चलाने के नियमों की खूब धज्जियां उड़ीं। थर्मल स्क्रीनिंग और हाथ सैनिटाइज करवाने के बाद ही विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया।