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भट्ठाकुफर फल मंडी के सुरक्षित हिस्से से शुरू होगा सेब कारोबार
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सेब बेचने के लिए बागवानों को अब नहीं करना पड़ेगा दोपहर दो बजे तक इंतजार
कृषि मंत्री और कमेटी ने किया मंडी का निरीक्षण
शिमला। भूस्खलन की चपेट में आई शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी के सुरक्षित हिस्से से सेब कारोबार शुरू करने की तैयारी है। फल मंडी पार्किंग में बन रहे नए ऑक्शन यार्ड के तैयार होने तक इस स्थान से सेब की खरीद-फरोख्त का काम चलाने की योजना है। कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर और जिला प्रशासन की कमेटी ने भी भट्ठाकुफर मंडी का निरीक्षण किया।
जिले के बागवानों को अब अपनी फसल बेचने के लिए दोपहर दो बजे तक छराबड़ा पुलिस बैरियर पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। एपीएमसी ने भट्ठाकुफर फल मंडी के सुरक्षित हिस्से से सेब कारोबार शुरू करने की तैयारी कर ली है। मंडी के भट्ठाकुफर साइड पर पक्की चट्टान होने के चलते
भूस्खलन की संभावना नहीं है। ऐसे में ढली सब्जी मंडी से 2 बजे के बाद हो रहे सेब कारोबार को शिफ्ट कर सुबह से शाम तक भट्ठाकुफर फल मंडी के सुरक्षित भाग से शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
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एपीएमसी ने मार्केटिंग बोर्ड के इंजीनियरों से फल मंडी का निरीक्षण करवाया है। इंजीनियरों ने मंडी के सुरक्षित भाग को कारोबार के लिए खोलने की संभावना जताई है। एपीएमसी ने अब इसे लेकर जिला प्रशासन से अनुमति मांगी है। जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर एडीएम प्रोटोकॉल, एसडीएम शिमला ग्रामीण और एक विशेषज्ञ की कमेटी गठित की है। यह कमेटी भी भट्ठाकुफर फल मंडी का निरीक्षण कर चुकी है। संभावना है कि तीन दिन के भीतर भट्टाकुफर फल मंडी के सुरक्षित हिस्से से सेब कारोबार शुरू हो सकता है।
जियोलॉजिस्ट से लेंगे राय : कंवर
कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने एपीएमसी को भट्ठाकुफर फल मंडी के पुनर्निर्माण से पहले स्टेट जियोलॉजिस्ट से राय लेने का सुझाव दिया है। एपीएमसी के चेयरमैन नरेश शर्मा ने बताया कि कृषि मंत्री ने मंडी का निरीक्षण करने के बाद स्टेट जियोलॉजिस्ट की राय लेने के निर्देश दिए हैं। यदि विशेषज्ञ मानते हैं कि मंडी के भूस्खलन वाले भाग को पक्का करने के बाद पहाड़ दरकने की संभावना नहीं है तो इसके प्रयास किए जा सकते हैं, लेकिन अगर विशेषज्ञ दोबारा पहाड़ दरकने की संभावना जताते हैं तो पुनर्निर्माण नहीं किया जाना चाहिए। एपीएमसी अब जल्द ही स्टेट जियोलॉजिस्ट को पत्र लिखकर भट्ठाकुफर फल मंडी से सटे पहाड़ की जांच करने का आग्रह करेगा। निरीक्षण के दौरान मार्केटिंग बोर्ड चेयरमैन बलदेव भंडारी, एपीएमसी चेयरमैन नरेश शर्मा, मार्केटिंग बोर्ड एमडी नरेश ठाकुर, एपीएमसी के सचिव ओम प्रकाश बंसल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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कृषि मंत्री और कमेटी ने किया मंडी का निरीक्षण
शिमला। भूस्खलन की चपेट में आई शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी के सुरक्षित हिस्से से सेब कारोबार शुरू करने की तैयारी है। फल मंडी पार्किंग में बन रहे नए ऑक्शन यार्ड के तैयार होने तक इस स्थान से सेब की खरीद-फरोख्त का काम चलाने की योजना है। कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर और जिला प्रशासन की कमेटी ने भी भट्ठाकुफर मंडी का निरीक्षण किया।
जिले के बागवानों को अब अपनी फसल बेचने के लिए दोपहर दो बजे तक छराबड़ा पुलिस बैरियर पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। एपीएमसी ने भट्ठाकुफर फल मंडी के सुरक्षित हिस्से से सेब कारोबार शुरू करने की तैयारी कर ली है। मंडी के भट्ठाकुफर साइड पर पक्की चट्टान होने के चलते
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भूस्खलन की संभावना नहीं है। ऐसे में ढली सब्जी मंडी से 2 बजे के बाद हो रहे सेब कारोबार को शिफ्ट कर सुबह से शाम तक भट्ठाकुफर फल मंडी के सुरक्षित भाग से शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
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एपीएमसी ने मार्केटिंग बोर्ड के इंजीनियरों से फल मंडी का निरीक्षण करवाया है। इंजीनियरों ने मंडी के सुरक्षित भाग को कारोबार के लिए खोलने की संभावना जताई है। एपीएमसी ने अब इसे लेकर जिला प्रशासन से अनुमति मांगी है। जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर एडीएम प्रोटोकॉल, एसडीएम शिमला ग्रामीण और एक विशेषज्ञ की कमेटी गठित की है। यह कमेटी भी भट्ठाकुफर फल मंडी का निरीक्षण कर चुकी है। संभावना है कि तीन दिन के भीतर भट्टाकुफर फल मंडी के सुरक्षित हिस्से से सेब कारोबार शुरू हो सकता है।
जियोलॉजिस्ट से लेंगे राय : कंवर
कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने एपीएमसी को भट्ठाकुफर फल मंडी के पुनर्निर्माण से पहले स्टेट जियोलॉजिस्ट से राय लेने का सुझाव दिया है। एपीएमसी के चेयरमैन नरेश शर्मा ने बताया कि कृषि मंत्री ने मंडी का निरीक्षण करने के बाद स्टेट जियोलॉजिस्ट की राय लेने के निर्देश दिए हैं। यदि विशेषज्ञ मानते हैं कि मंडी के भूस्खलन वाले भाग को पक्का करने के बाद पहाड़ दरकने की संभावना नहीं है तो इसके प्रयास किए जा सकते हैं, लेकिन अगर विशेषज्ञ दोबारा पहाड़ दरकने की संभावना जताते हैं तो पुनर्निर्माण नहीं किया जाना चाहिए। एपीएमसी अब जल्द ही स्टेट जियोलॉजिस्ट को पत्र लिखकर भट्ठाकुफर फल मंडी से सटे पहाड़ की जांच करने का आग्रह करेगा। निरीक्षण के दौरान मार्केटिंग बोर्ड चेयरमैन बलदेव भंडारी, एपीएमसी चेयरमैन नरेश शर्मा, मार्केटिंग बोर्ड एमडी नरेश ठाकुर, एपीएमसी के सचिव ओम प्रकाश बंसल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।