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Lockdown: हिमाचल में सेब सीजन सिर पर, बागवानों के सामने मजदूरों का संकट
Sat, 09 May 2020 09:36 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 09 May 2020 09:36 AM IST
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सेब हिमाचल
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हिमाचल में 15 जून से शुरू होने वाले सेब सीजन से पहले बागवानों के लिए मजदूरों का संकट खड़ा हो गया है। सेब सीजन में नेपाली मजदूरों की मांग रहती है लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश और प्रदेश में लॉकडाउन के कारण ये अभी पहुंच नहीं पा रहे। सेब सीजन के लिए नेपाल और उत्तर प्रदेश से लाखों श्रमिक काम की तलाश में आते हैं।
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इन दिनों मजदूरों का आना पूरी तरह से बंद है। बागवान प्रदेश सरकार से मांग कर रहे हैं कि नेपाल और देश के दूसरे राज्यों से मजदूरों के आने की व्यवस्था करने का मामला केंद्र सरकार से उठाने को दबाव बनाया जा रहा है ताकि सीजन के समय बागवानों को कोई परेशानी न हो। एक अनुमान के अनुसार प्रदेश में हर साल सेब सीजन में नौ लाख मानव श्रम दिवस सृजित होते हैं यानी करीब पांच लाख कामगार बाहर से हिमाचल में आते हैं और सीजन खत्म होने ही वापस चले जाते हैं। इन श्रमिकों में से 75 फीसदी सिर्फ नेपाल से आते हैं। इनके अलावा सेब की पैकिंग के लिए कामगार उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से भी आते हैं।
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शेष अन्य राज्यों से काम के लिए पहुंचते हैं। प्रदेश में नेपाल के कामगार मार्च के बाद से हिमाचल आने शुरू हो जाते थे लेकिन लॉकडाउन के कारण इस बार ये नहीं पहुंच पा रहे। प्रदेश सब्जी और फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान ने बताया कि लॉकडाउन के कारण नेपाल और उत्तर प्रदेश से कामगार नहीं पहुंच पा रहे। सीजन 15 जून के बाद आरंभ हो जाएगा। प्रदेश सरकार को केंद्र से नेपाल के कामगारों को बुलाने का मसला समय रहते उठाना चाहिए ताकि इन मजदूरों को एक पखवाड़े तक क्वारंटीन किया जा सके। तभी सेब की अर्थ व्यवस्था को बचाया जा सकेगा।
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