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राष्ट्रपति निवास के बगीचे में अब प्राकृतिक खेती से उगेंगे सेब

Mon, 29 Jul 2019 11:11 AM IST
अरविन्द ठाकुर प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 29 Jul 2019 11:11 AM IST
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apple cultivation with natural farming in Retreat Rashtrapati Niwas in Shimla
राष्ट्रपति निवास रिट्रीट - फोटो : फाइल फोटो

प्राकृतिक खेती की मदद से अब शिमला स्थित राष्ट्रपति निवास रिट्रीट के बगीचों में सेब बागवानी की जाएगी। देखरेख के अभाव और बदलते मौसम की मार के चलते रिट्रीट में लगे सैकड़ों सेब के पेड़ सूख गए थे। लेकिन अब कम लागत में कृषि बागवानी के प्राकृतिक खेती के तरीके को अपनाकर उन सूखे पेड़ों को हरा भरा किया जाएगा। राष्ट्रपति सचिवालय के निर्देश पर प्रदेश के प्राकृतिक खेती सेल ने इसे लेकर कवायद शुरू कर दी है। 

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शून्य लागत प्राकृतिक खेती (प्राकृतिक खेती) को बढ़ावा देने में अग्रणी हिमाचल प्रदेश के काम को देखते हुए राष्ट्रपति कार्यालय ने शिमला के नजदीक स्थित रिट्रीट में भी प्राकृतिक खेती कराने के लिए प्रदेश से संपर्क साधा है। हाल ही में राष्ट्रपति के सचिव ने राष्ट्रपति निवास रिट्रीट का दौरा किया था। इस दौरान वहां बगीचों की स्थिति देखने के बाद उन्होंने इस संबंध में पूर्व राज्यपाल आचार्य देवव्रत से प्राकृतिक खेती पद्धति को लेकर चर्चा की।
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चर्चा के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के निर्देश पर राष्ट्रपति कार्यालय ने हिमाचल को प्राकृतिक खेती के जरिये रिट्रीट में भी बागवानी करने के लिए पत्र लिख दिया। राज्यपाल के सचिव व शून्य लागत प्राकृतिक खेती प्रोजेक्ट के स्टेट डायरेक्टर राकेश कंवर ने बताया कि राष्ट्रपति कार्यालय के निर्देश के बाद एक टीम को रिट्रीट में दौरा करने के लिए भेजा गया था। उस टीम की रिपोर्ट आ गई है और उसके अनुसार काम शुरू किया जाएगा।

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पहले चरण में 80 पौधों पर होगा काम

शून्य लागत प्राकृतिक खेती प्रोजेक्ट के कार्यकारी निदेशक डॉ. राजेश्वर चंदेल ने बताया कि पहले चरण में 80 पौधों को लिया गया है। इन पौधों को प्राकृतिक पद्घति से जीवित कर फिर से फलदार बनाया जाएगा। इनमें कुछ पौधे केमिकल की वजह से तो कुछ को बंदरों की वजह से नुकसान पहुंचा था। इसलिए खेती शुरू करने से पहले सोलर फेंसिंग से पूरे एरिया को कवर किया जाएगा और उसके बाद खेती शुरू होगी।

हिमाचल ने की है प्राकृतिक खेती की शुरूआत
प्राकृतिक खेती को सरकारी तौर पर अपनाने वाला हिमाचल पहला राज्य है। हिमाचल में सरकार ने इस पद्घति को बढ़ावा देने के लिए बजट में भी 25 करोड़ का प्रावधान किया था। इसके सकारात्मक परिणाम के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने इस साल के बजट में इसे शामिल किया है।

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