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Shimla News: जिला में सेब कारोबार घटा, फल मंडी में 8.84 लाख कम पहुंचीं पेटियां

Sun, 18 Aug 2024 11:13 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2024 11:13 PM IST
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Apple business decreased in the district, 8.84 lakh less boxes reached the fruit market.
मौसम की मार और अल्टरनेरिया रोग फैलने से पैदावार प्रभावित
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले में बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष सेब कारोबार में साढ़े आठ लाख पेटी की गिरावट आई है। मौसम की मार और सेब के पौधों में अल्टरनेरिया रोग फैलने के चलते पैदावार घटी है। इसके चलते जिला की फल मंडियों में कम सेब पहुंचा है।
अभी तक सबसे अधिक कारोबार जिला शिमला में ही हुआ है। एपीएमसी शिमला किन्नौर के आंकड़ों के अनुसार जिला शिमला में 17 अगस्त तक 19,19,922 सेब की पेटियों का कारोबार हुआ है। इसमें एपीएमसी मार्केट यार्ड के अंदर 10,32,868 और मार्केट यार्ड के बाहर 8,87,060 पेटी सेब का कारोबार हुआ है। जबकि बीते वर्ष अब तक 28,02,404 पेटियों का कारोबार हो चुका था। इसमें मार्केट यार्ड के अंदर 13,64,791 और मार्केट यार्ड के बाहर 14,37,613 सेब की पेटियों का कारोबार हुआ था।
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हालांकि इस वर्ष सीजन भी देरी से शुरू हुआ है। बीते वर्ष जिला में जहां सेब सीजन 12 जून से शुरू हो गया था, वहीं इस वर्ष 27 जून से फल मंडियों में सेब ने दस्तक दी है।
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जिला के ठियोग के पराला में स्थित पराला फल मंडी में अभी तक सबसे ज्यादा सेब की पेटियों का कारोबार हुआ है। पराला में 5,19,416, भट्ठाकुफर फल मंडी में 3,05,051, नेरवा में 1,55,931 और महेंदली में 1,92,464 सेब की पेटियों का कारोबार हो गया है। हालांकि इस बार बागवानों काे बीते वर्ष के मुकाबले रिकॉर्ड तोड़ दाम मिल रहे हैं। बीते वर्ष जहां बागवानों को सेब के 180 से 200 रुपये प्रतिकिलो तक दाम मिल रहे थे, वहीं इस वर्ष 200 से 280 रुपये प्रतिकिलो तक दाम मिले हैं। दाम बेहतर मिलने का एक कारण यह भी है कि इस बार सरकार के आदेशों पर फल मंडियों में सेब युनिवर्सल कार्टन में लाया जा रहा है। इसमें 20 से 22 किलोग्राम तक सेब आता है।
बीते वर्ष टेलिस्कोपिक कार्टन में 20 से 30 किलो तक सेब की पेटियां भी मंडी में बिकने के लिए पहुंच रही थी। ऐसे में बागवानों को सेब के बेहतर दाम नहीं मिल पा रहे थे। दूसरी ओर उस दौरान सेब की पैदावार भी ज्यादा थी। इस वर्ष मौसम की मार और सूखा पड़ने की वजह से सेब की पैदावार कम है।

पैदावार घटने से पड़ा असर
इस सीजन में कारोबार घटने का सबसे बड़ा कारण सेब की पैदावार में कमी है। कम फसल होने की वजह से मंडी में कम सेब की पेटियां पहुंची हैं। हालांकि ऐसे में भी बागवानो को बेहतर दाम मिल रहे हैं।
देवानंद वर्मा, चेयरमैन, एपीएमसी
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