अनुराग ठाकुर नहीं कर सकेंगे एचपीसीए का प्रतिनिधित्व, बीसीसीआई ने ठुकराया प्रस्ताव
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हमीरपुर से सांसद एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर बीसीसीआई की एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकेंगे।
बीसीसीआई ने एचपीसीए पदाधिकारियों की ओर से भेजे इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। हिमाचल क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने बीसीसीआई को प्रस्ताव भेजकर बीसीसीआई की एजीएम में अनुराग को एचपीसीए का प्रतिनिधित्व करने के लिए अधिकृत किया था।
प्रस्ताव खारिज होने के बाद अब बीसीसीआई की एजीएम से पहले एचपीसीए का चुनाव करवाकर एक प्रतिनिधि नियुक्त करना होगा। बीसीसीआई के इस फैसले के बाद एचपीसीए पर सियासत एक फिर गर्मा गई है।
दो दशक पहले एचपीसीए की सरदारी के लिए अनुराग ठाकुर और राजेंद्र जार गुट में खूब जद्दोजहद हुई थी। इसमें बाजी अनुराग ने मारी थी। अब एचपीसीए के चुनाव की घोषणा के बाद सभी गुट सक्रिय हो गए हैं।
रिटायर आईएएस अफसर मनीषा होंगी चुनाव अधिकारी
एचपीसीए के चुनाव के लिए पूर्व आईएएस अफसर मनीषा नंदा को बीसीसीआई ने चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है। एचपीसीए चुनाव अभी भी अनुराग ठाकुर के ही इर्द-गिर्द घूम रहा है।
माना जा रहा है कि अनुराग के करीबी को ही अध्यक्ष बनाया जाएगा। वहीं एचपीसीए के चुनाव अधिकारी के तौर पर मनीषा नंदा का नाम भी चर्चा का विषय है, क्योंकि माना जाता है कि मनीषा के धूमल परिवार से अच्छे संबंध रहे हैं।
साल 2000 में अनुराग बने थे एचपीसीए के अध्यक्ष
लोढा कमेटी की सिफारिशों के चलते छोड़ना पड़ा था पद
बीसीसीआई में लोढा कमेटी की सिफारिशें लागू होने के बाद साल 2017 में अनुराग को बीसीसीआई और एचपीसीए अध्यक्ष पद से हटना पड़ा था। वर्तमान में एचपीसीए के जो भी सदस्य हैं, वे अध्यक्ष बनने के लिए लोढा कमेटी की सिफारिशों के मानक पूरे नहीं करते हैं।