'जेल जाएंगे वीरभद्र, कई और मुख्यमंत्रियों का भी लगेगा नंबर'
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भाजपा सांसद एवं भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अगर भ्रष्टाचार किया है तो वे जेल जाएंगे। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री की तर्ज पर कई कांग्रेस मुख्यमंत्रियों का नंबर आने वाला है।
अनुराग ने शनिवार को हिमाचल के ऊना में मीडिया से बातचीत में शांता के लेटर बम पर कहा कि कुछ लोग बिना सोचे समझे टिप्पणी करते हैं, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने स्वयं जांच बैठाई, जिसकी सुप्रीम कोर्ट भी सराहना कर चुका है।
अनुराग ने ज्वाली से कांग्रेस विधायक नीरज भारती द्वारा सोशल मीडिया पर भाजपा के खिलाफ टिप्पणी पर कहा कि ऐसा लगता है जैसे उन्हें कोई सदमा लगा है। शायद उनके क्षेत्र में काम नहीं हो रहे, इसलिए वह इस तरह की हरकत कर रहे हैं।
एचपीसीए में राजनीति कर रहे हैं वीरभद्र
अनुराग ने कहा कि एचपीसीए मुद्दे पर लोकतांत्रिक चुनाव की नसीहत देने वाले वीरभद्र सिंह से हमें चुनाव प्रक्रिया पूछने की जरूरत नहीं है। अगर रजिस्ट्रार ऑफ सोसायटी व रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी को पिछले 15 साल से एचपीसीए पर कोई आपत्ति नहीं हुई तो वीरभद्र सिंह की मंशा साफ है कि इसमें वे राजनीतिक लाभ देख रहे हैं।
इतिहास गवाह है कि वीरभद्र सिंह ने स्टेडियमों पर ताले लगवाए, दीवारें खड़ी कीं और एचपीसीए के खिलाफ झूठे मुकद्दमे बनाए। अब एचपीसीए की मेहनत से हिमाचल क्रिकेट की दुनिया में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुका है तो यह उनसे सहन नहीं हो रहा।
धूमल, जेटली और अनुराग की भूमिका नहीं
अनुराग ने वीरभद्र मामले में दिल्ली में लॉबिंग करने के आरोपों पर कहा कि न इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, न ईडी और न ही सीबीआई उनके कहने से चलती है। वीरभद्र के खिलाफ जांच मनमोहन सरकार के समय चल रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में धूमल, जेटली और अनुराग की कोई भूमिका नहीं है।
अफसरों को धमका रही सरकार : बिंदल
सरकार अफसरों को डरा-धमका रही है। उन पर अनैतिक दबाव है। टेंडर बाद में होता है, काम पहले करा दिया जाता है। बड़े प्रोजेक्ट चहेती कंपनियों को दिए जाते हैं। कुल मिलाकर सरकार वेंटिलेटर पर है। ऐसे में नया जनादेश ही राज्य को बचा सकता है।
इन शब्दों के साथ शनिवार को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डा. राजीव बिंदल ने सरकार पर निशाना साधा। साफ किया कि मुख्यमंत्री का दूसरे मंत्रियों से तालमेल ही नहीं। ऐसे राज्य की जनता पिस रही है। सरकार को पंगु करार देते हुए उन्होंने कहा कि पहले नेता सरकार की कार्यप्रणाली को कोसता था, अब अफसर सचाई सामने ला रहे हैं।
भरमौर के एक ईई के एसीएस को भेजे इस्तीफे को आधार बनाते हुए उन्होंने कहा कि स्थिति यह है कि अफसर रोष में हैं। कई यहां से पहले ही दिल्ली जा चुके हैं। कुछ अफसरों ने अपनी एप्लिकेशन लगाई हुई है। काम को लेकर अफसरों पर जबरदस्त दबाव हैं। ऐसे में प्रदेश में काम कैसे हो? डा. बिंदल ने प्रदेश की बदतर हालत को आधार बनाते हुए सीएम से तुरंत इस्तीफे की मांग की।