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मलबे की चपेट में आने से दोनों पैर गंवा चुकी काजल की भी मौत
Wed, 15 Jan 2020 12:47 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंबा
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 15 Jan 2020 12:47 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
हिमाचल में चंबा-धुलाड़ा मार्ग पर अंद्रला घार में मलबे और पत्थर गिरने से घायल हुई महिला काजल की भी मौत हो गई है। चंबा मेडिकल कॉलेज से टांडा ले जाते समय देर रात को नूरपुर के पास महिला ने दम तोड़ दिया। नूरपुर अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन उसे चंबा मेडिकल कॉलेज वापस ले आए। बीते मंगलवार को धुलाड़ा-चंबा मार्ग पर थरेड़ घार पार कर रहे लोगों मलबे और पत्थरों की चपेट में आ गए थे। इनमें महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि गंभीर घायल महिला काजल ने भी बुधवार को दम तोड़ दिया।
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चट्टानों की चपेट में आने से काजल के दोनों पैर कट गए थे। महिलाएं मकर संक्रांति पर मायके खिचड़ी खाने के लिए जा रही थीं। बुधवार को मेडिकल कॉलेज चंबा में पोस्टमार्टम के बाद तीनों मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। दोपहर बाद इनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। राधा पत्नी काकू राम गांव तनूई डाकघर भडियाकोठी और तिलक पुत्र धर्मो चंद निवासी देडूई डाकघर सराण की मौके पर मौत हो गई थी। काकू राम पुत्र मखणू गांव तनूई डाकघर भडियाकोठी और काजल पत्नी तिलक गांव देडूई डाकघर सराण बुरी तरह घायल हो गए थे। इन्हें चंबा मेडिकल कॉलेज लाया गया था।
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काकू राम की हालत स्थिर बताई जा रही है। काजल को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया था। पुलिस अधीक्षक चंबा डॉ. मोनिका ने बताया कि रजेरा-धुलाड़ा मार्ग पर भूस्खलन की चपेट में आकर जान गंवाने वाले तीनों लोगों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए हैं। काजल और तिलक की शादी को अभी एक माह और 17 दिन ही हुए थे। शादी के बाद पहला त्योहार मनाने के लिए काजल अपने पति तिलक के साथ हंसी-खुशी मायके आ रही थी। दोनों अंद्रला पट्टा से कुछ दूरी पर बस से उतरे और पैदल रास्ता पार करने लगे। इस बीच, उन पर मलबे और पत्थरों की बौछार हो गई। चट्टान और पत्थरों के नीचे दबने से तिलक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि टांडा ले जाते समय काजल की भी मौत हो गई।
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