हिमाचल में स्वास्थ्य के लिए बजट में क्या है खास, जानिए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार हिमाचल में गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीजों को हर महीने 2000 रुपये देगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट भाषण में सहारा योजना शुरू करने का एलान किया है। इसमें कैंसर, पारकिनसन, पैरालाइसिस, मसकूलर, थैलेसीमीया, हिमोफिलिया, रेनल फेलियर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को वित्तीय सहायता दी जाएगी।
बरोटीवाला-नालागढ़ में बनेगा ट्रॉमा सेंटर
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट भाषण में औद्योगिक क्षेत्र में बरोटीवाला-नालागढ़ में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया। इसी तरह शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी ट्रॉमा सेंटर खोलने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में सभी जिलों की रेडक्रॉस सोसायटी को एक-एक शव वाहन देने का एलान किया है।
500 उप स्वास्थ्य केंद्र, 125 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे वेलनेस सेंटर
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल के 500 उपस्वास्थ्य केंद्रों और 125 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को वेलनेस सेंटर केंद्र बनाने का फैसला लिया है। इन केंद्रों में गर्भावस्था और प्रसव के समय वांछित सुविधाएं, शिशु स्वास्थ्य सुविधा, बाल एवं किशोर अवस्था चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी।
मंडी और नाहन मेडिकल कॉलेज में स्थापित होगी कैथ लैब
सीएम ने अपने बजट भाषण ने मंडी और नाहन मेडिकल कॉलेज में हार्ट के मरीजों के उपचार करने के लिए दोनों अस्पतालों में कैथ लैब स्थापित करने की घोषणा की है।
साथ ही इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में मस्तिष्क के विकारों, कैंसर, फेफड़ों, से रक्तस्राव, आंत, यूट्रस और गुर्दे से संबंधित विकासों का पता लगाने को डिजिटल सबट्रैक्शन एंजियोग्राफी मशीन स्थापित की जाएगी।
चंबा में बनेगा 100 बिस्तर वाला मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग
मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में चंबा मेडिकल कॉलेज के साथ 100 विस्तर वाला मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग स्थापित करने का निर्णय लिया है।
हर अस्पताल को मिलेगी क्रिटिकल पेेशेंट एंबुलेंस
हिमाचल के हर अस्पताल को क्रिटिकल पेशेंट एंबुलेंस सुविधा मुहैया होगी। इन एंबुलेंस में वेंटिलेटर की सुविधा होगी। आपात स्थिति में मरीजों को पीजीआई और एम्स ले जाया जा सकेगा।
हिमाचल में जन्मजात बधिर की होगी पहचान
हिमाचल में जन्मजात बधिर बच्चों की पहचान होगी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना के तहत आईजीएमसी, नेरचौक मंडी और टांडा मेडिकल कॉलेज में ऐसे केंद्र स्थापित होंगे। इनमें ऐसे बच्चों की स्क्रीनिंग के लिए पर्याप्त जनशक्ति और बुनियादी ढांचा सुदृढ़ किया जाएगा।
एचआईवी एड्स के मरीजों को प्रतिमाह 1500 रुपये भत्ता
सरकार ने हिमाचल के 4200 एचआईवी एड्स मरीजों को 1500 रुपये भत्ता देने का फैसला लिया गया है। पहले इन मरीजों को आयु के आधार पर 300 से लेकर 800 रुपये खुराक के लिए उपदान दिया जाता था। अस्पताल में इनका उपचार निशुल्क होगा।
जननी सुरक्षा योजना में अब 1100 रुपये मिलेंगे
सरकार ने जननी सुरक्षा योजना के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एवं बीपीएल परिवारों की महिलाओं को प्रसव के दौरान दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि जो शहरी क्षेत्रों में 600 और ग्रामीण क्षेत्रों में 700 रुपये थी, इसे बढ़ाकर 1100 रुपये किया है।
आउटसोर्स कर्मियों को भी हिम केयर योजना का लाभ
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मनरेगा में एक वर्ष में 50 दिन या उससे अधिक कार्य किया है तो उन्हें हिम केयर में 5 लाख रुपये की स्वास्थ्य सुरक्षा सुविधा, बिना किसी इंश्योरेंस प्रीमियम के दी जाएगी। आउटसोर्स कर्मियों को यह सुविधा मात्र 1 रुपये प्रतिदिन प्रीमियम के दर से मिलेगी।
प्रदेश में लागू होगी संपूर्ण स्वास्थ्य योजना
आशा वर्कर के मानदेय में बढ़ोतरी
सरकार ने हिमाचल में आशा वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी की है। पहले इन्हें 1250 रुपये मानदेय मिलता था, अब उन्हें 1500 रुपये की राशि मुहैया होगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश में करीब 7700 आशा वर्करों को फायदा होगा।
प्रदेश सरकार ने हिमाचल में संपूर्ण स्वास्थ्य योजना शुरू करने का एलान किया है। इस योजना के तहत पहले चरण में 12 स्वास्थ्य संस्थानों को संपूर्ण अस्पताल बनाने का निर्णय लिया है। इनमें कुछ जिला अस्पताल भी शामिल होंगे। इनमें हर तरह की स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इस योजना के तहत रेफर किए गए मरीजों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाएगी।
एनीमिया मुक्त होगा हिमाचल
शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट भाषण में हिमाचल को एनीमिया मुक्त करने की घोषणा की है। आयुर्वेद विभाग की ओर से कुल्लू के बंजार, कांगड़ा के बैजनाथ और शिमला के बसंतपुर विकास खंड में एनीमिया मुक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अब तीन अतिरिक्त विकास खंडों को इस योजना में शामिल किया जाएगा। आयुर्वेद विभाग की ओर से गोद लिए 1712 स्कूल में बीमारियों के इलाज और नशे से दूर रहने के बारे में जागरूक किया जाएगा। तीन राजकीय आयुर्वेद फार्मेसी माजरा, पपरोला एवं जोगिंद्रनगर में फार्मेसी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।