अनिल ने छोड़ी सरकारी गाड़ी, कोठी में तैनात कर्मी भी वापस भेजे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जयराम सरकार से ऊर्जा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद अनिल शर्मा से सचिवालय सामान्य प्रशासन (जीएडी) सुविधाएं छीनने जा रहा है। सरकारी स्तर पर बतौर मंत्री उन्हें क्या-क्या सुविधाएं दी गईं, इसका आकलन किया जा रहा है।
अनिल ने जीएडी के पास गाड़ी जमा करा दी है और उनको बतौर मंत्री मिली कोठी में तैनात कर्मचारियों को भी वापस भेजने को कह दिया है। ऐसी जानकारी है कि मंगलवार को उन्हें कोठी खाली करने का नोटिस भी दे दिया जाएगा। हालांकि, इससे पहले ही अनिल ने बतौर मंत्री मिली सुविधाएं सरेंडर करना शुरू कर दिया है।
नियमों के मुताबिक इस्तीफे के बाद एक महीने के भीतर कोठी खाली करनी होती है। इससे पहले जीएडी ने उन्हें बतौर विधायक दिया जाने वाला आवास देखना शुरू कर दिया है। मेट्रोपोल और विधानसभा में अन्य विधायकों को आवास दिए गए हैं। इन दोनों जगह पर जो आवास खाली है। उनकी अभी मरम्मत होनी है।
कोठियों के लिए फिर शुरू हुई जंग
अनिल शर्मा के ऊर्जा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद जीएडी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जयराम सरकार में मंत्रियों को कोठियों के आवंटन के समय बड़ा बवाल हुआ था। जीएडी में एक दर्जन के करीब नेताओं ने कोठियों के लिए आवेदन किया है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री को भी अभी कोठी नहीं मिली है। जीएडी ने नेताओं को आश्वस्त किया था कि जब कोई कोठी खाली होगी तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा।
विधायक का आवास दो, मैं कोठी छोड़ने को तैयार
मैं भाजपा का विधायक हूं। मैंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। कोठी खाली करने के लिए सरकार की ओर से नोटिस नहीं आया है। मैं कोठी खाली करने को तैयार हूं, लेकिन सरकार मुझे विधायक को मिलने वाला आवास उपलब्ध कराए। मैंने सरकारी गाड़ी सरेंडर कर दी है। - अनिल शर्मा, पूर्व ऊर्जा मंत्री