हिमाचल: नाराज भाजपा विधायक अनिल विधानसभा के मानसून सत्र में नहीं करेंगे एक भी सवाल
जयराम सरकार के पूर्व मंत्री और मंडी सदर से भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने एक बार फिर सरकार को घेरते हुए कड़े तेवर दिखाए हैं।
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नाराज भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि यह पहला सत्र होगा, जिसमें उन्होंने कोई सवाल नहीं लगाया है। इसका कारण यह है कि उन प्रश्नों को उठाकर कोई भी लाभ नहीं होता है, जिनका कोई कार्यान्वयन न हो। जयराम सरकार के पूर्व मंत्री और मंडी सदर से भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने एक बार फिर सरकार को घेरते हुए कड़े तेवर दिखाए हैं। पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री दिवंगत पंडित सुखराम के बेटे अनिल शर्मा ने कहा कि उन्होंने भाजपा का टिकट लिया और विधायक बने। अगली रणनीति पर वह बोले कि जनता देखना चाहती है तो चुनाव लड़ेंगे, नहीं देखना चाहती है तो वह अपना सफर खत्म कर देंगे। बुधवार को अनिल शर्मा ने कहा कि परिस्थितियां बदलीं तो चुनाव बेटे ने लड़ा और जब भाजपा से सांसद रामस्वरूप शर्मा जीतकर आए तो वह वहां पहुंचे थे।
भाजपा की ओर से दूरियां शुरू हुई हैं। पट्टिकाओं में नाम बंद किए गए। फिर भी इस बात को लेकर वह हमेशा सजग रहे कि जिस पार्टी ने चुना है, उसके खिलाफ ज्यादा बात नहीं होनी चाहिए। निर्वाचित विधायक होने के नाते सरकारी मकान नहीं दिए जाने के मामले में अनिल शर्मा ने कहा कि वह अकेले विधायक हैं, जिनके ठहरने के लिए मकान नहीं है। स्पीकर से भी मिले और मुख्यमंत्री से भी बात की, पर उन्हें अधिकार के बावजूद मकान नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री और स्पीकर सक्षम हैं। भाजपा में गया तो कोई प्लान नहीं था। वह पंडित सुखराम के बचे हुए काम जिस भी प्लेटफार्म से होंगे, उसी पार्टी से वह चुनाव लडे़ंगे। उनकी योजना जनता है। सभी पार्टियां उनसे संपर्क में हैं। उन्होंने ईमानदारी और सच्चाई से काम किया।