धर्मशाला: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेंगे 5जी मोबाइल फोन, 153 मिनी आंगनबाड़ियों का स्तरोन्नयन
प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 5जी मोबाइल दिए जाएंगे। जिसके लिए विभाग की ओर से कार्य चल रहा है।
विस्तार
प्रदेश में विभाग की ओर से 2018 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विभाग के कार्य को करने के लिए मोबाइल वितरित किए गए थे, जिसके बाद कार्यकर्ता आसानी से कार्य कर रही थी। लेकिन अब विभाग की ओर से लांच हुई नई एप इन पुराने मोबाइल फोन में ढंग से कार्य नहीं कर रही है। जिसके बाद अब विभाग नए मोबाइल देने की तैयारी कर रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग शिमला की ओर से सभी जिलों से डिमांड मांगी जा रही है। विभाग जिला कांगड़ा की ओर से जिला भर के 4026 आंगनबाड़ी हैं और विभाग की ओर से 4026 कार्यकर्ताओं के लिए निदेशालय में नए 5जी मोबाइल की डिमांड भेजी गई है।
निदेशालय की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नए 5जी मोबाइल वितरीत किए जाएंगे, जिसकी तैयारी शिमला में चल रही है। प्रदेश में गर्भवती महिलाओं को राशन देने के लिए नई एप लांच की गई है जो पुराने मोबाइल में ढंग से कार्य नहीं कर पा रही है, जिसके बाद यह निर्णय लिया है।-अशोक कुमार शर्मा, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग कांगड़ा स्थित धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश की 153 मिनी आंगनबाड़ियों का स्तरोन्नयन
केंद्रीय महिला और बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कांगड़ा के लोकसभा सदस्य डॉ. राजीव भारद्वाज को संसद में बताया की हिमाचल प्रदेश की 153 मिनी आंगनबाड़ियों को अपग्रेड करके मेन आंगनवाड़ियों के रूप में परवर्तित किया गया है। उन्होंने बताया की इस समय हिमाचल प्रदेश में 539 मिनी आंगनवाड़ी केंद्र कार्यरत हैं तथा राज्य सरकार ने 153 मिनी आंगनबाड़ियों को अपग्रेड करने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने लोकसभा सदस्य डॉ. राजीव भारद्वाज को संसद में बताया की बच्चों की प्राथमिक शिक्षा और देखभाल के मद्देनजर भारत सरकार ने सक्षम आंगनवाड़ी और पौषण कार्यक्रम के अंतर्गत देश भर में कार्यरत सभी मिनी आंगनबाड़ियों को पूर्ण विकसित आंगनबाड़ियों के रूप में अपग्रेड करने का निर्णय लिया है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में एक वर्कर और एक हेल्पर तैनात किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश के 23 राज्यों व केंद्रशासित राज्यों में कुल 1,16, 852 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में से 20 राज्यों और केंद्र शासित राज्यों की ओर से भेजे गए प्रस्तावों के अनुरूप 86,351 मिनी आंगनबाड़ियों को पूर्ण विकसित आंगनबाड़ियों के रूप में अपग्रेड करने के स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।