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पति का हाथ थाम 16 किमी पैदल चलने के बाद बर्फ में फिसली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत

Sun, 19 Jan 2020 03:09 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/कुल्लू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/कुल्लू Published by: Krishan Singh Updated Sun, 19 Jan 2020 03:09 PM IST
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Anganwadi worker fell in the ditch due to sliding foot on snow, died on the spot
दिवंगत गीता देवी(फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल के जिला कुल्लू की सैंज घाटी के दुर्गम क्षेत्र शाक्टी में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने जा रही एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बर्फ में फिसलकर 300 फीट गहरी खाई में गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसा रविवार सुबह करीब 10 बजे का है। बर्फीले इलाके में महिला की मदद को अकेला पति साथ जा रहा था लेकिन उसकी आंखों के सामने ही पत्नी ने दम तोड़ दिया।

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न्यूली से शाक्टी गांव में बना पोलियो केंद्र सड़क से करीब 25 जबकि महिला कार्यकर्ता के घर से 18 किलोमीटर दूर है। जहां से बर्फ में पैदल जाने को करीब 6 घंटे लगते हैं। कार्यकर्ता सुबह 6.00 बजे घर से निकली थी। उसने 16 किलोमीटर का सफर तय कर लिया। मात्र दो किमी पहले हादसा हो गया। यहां पोलियो अभियान रद्द न करना और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को अकेले भेजना प्रशासन की बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। 
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बाल विकास परियोजना कार्यालय बंजार के आंगनबाड़ी केंद्र मैल वृत्त न्यूली की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गीता देवी (35) पत्नी भाग चंद निवासी निवासी मैल की ड्यूटी अति दुर्गम क्षेत्र शाक्टी गांव के निकट लगी थी। रविवार सुबह करीब 10 बजे बर्फ में पैर फिसलने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी वीरेंद्र आर्य ने बताया कि गीता देवी के पास मिनी आंगनबाड़ी केंद्र शाक्टी का अतिरिक्त कार्यभार था।
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ऐसे में रविवार सुबह वह पोलियो बूथ शाक्टी के बच्चों को पोलियो मुक्त दवा पिलाने अपने पति को साथ लेकर जा रही थी। पति के चिल्लाने पर ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। सैंज पुलिस थाना और प्रशासन की टीम पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद शव को निकाला गया।

प्रशासन की लापरवाही, बर्फीला इलाका होने के बावजूद रद्द नहीं किया अभियान

जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चौधरी और पंचायत प्रधान भाग चंद ने निधन पर शोक व्यक्त करते हुए बताया कि गीता मेहनतकश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं। नायब तहसीलदार सैंज कर्म चंद ने कहा कि रिपोर्ट तैयार कर सरकार और प्रशासन को भेजी जा रही है। सैंज पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपये मुआवजा दिया गया है। पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

इस मामले में प्रशासन की सीधी लापरवाही सामने आ रही है। प्रदेश में भारी बर्फबारी के चलते लाहौल, किन्नौर और चंबा जिले के दुर्गम इलाके पांगी में पोलियो मुक्त दवा बाद में पिलाने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन कुल्लू की इस दुर्गम पंचायत के गांव को नजरअंदाज किया गया। कुल्लू जिले में भी कई ऐसे दुर्गम इलाके हैं जहां आजकल भारी बर्फबारी के चलते पहुंचना मुमकिन नहीं है।

एक बूथ पर होते 4 कार्यकर्ता, गीता भेज दी अकेले
पोलियो बूथ पर प्रशासन अमूमन चार कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाता है, लेकिन शाक्टी के इस बूथ पर गीता को अकेले ही भेज दिया। मदद के लिए उसका पति साथ गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचा पाया। स्थानीय लोग गीता की मौत के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। 

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