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चिंतपूर्णी ट्रस्ट को सैकड़ों वर्ष प्राचीन पांडुलिपियां देंगे खोसला
Mon, 24 Feb 2020 12:04 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, भरवाईं (ऊना)
अमर उजाला नेटवर्क, भरवाईं (ऊना)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 24 Feb 2020 12:04 PM IST
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चिंतपूर्णी मंदिर
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पंजाब के श्रद्धालु रजनीश खोसला लाखों रुपये कीमत की पांडुलिपियां चिंतपूर्णी मंदिर न्यास के संग्रहालय को उपलब्ध करवाना चाहते हैं। महाभारत महाकाव्य से जुड़ीं ये पांडुलिपियां सदियों पुरानी हैं। बाजार में इनकी कीमत लाखों रुपये में है। बड़ी संख्या में खरीदार भी हैं। बावजूद इसके रजनीश इन्हें मां चिंतपूर्णी के चरणों में भेंट करना चाहते हैं।
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खोसला परिवार के पास महाराजा रणजीत सिंह के समय में राजा-महाराजाओं की ओर से विशिष्ट तकनीक से तैयार पांडुलिपियां हैं। इनमें कुछ को पहले ही चिंतपूर्णी-मंदिर न्यास को दिया जा चुका है। कुछ को उन्होंने तिरुपति बाला जी प्रबंधन को मुहैया करवाया है। वह शिमला के जाखू मंदिर, बज्रेश्वरी धाम, चामुंडा धाम, अजमेर शरीफ दरगाह और मां वैष्णो देवी मंदिर के लिए भी कई पांडुलिपियां दान कर चुके हैं।
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अब वे मंदिर न्यास चिंतपूर्णी के स्वागत कक्ष परिसर में बने संग्रहालय में उन पांडुलिपियों को स्थापित करवाना चाहते हैं, जो 170 से 325 वर्ष पुरानी हैं। उन्होंने कई पांडुलिपियों का फ्रेम बनाकर रखा है। रजनीश खोसला ने कहा कि इन पांडुलिपियों को स्थापित करने के लिए वह प्रदेश सरकार और राज्यपाल से भी पत्राचार करेंगे। इससे चिंतपूर्णी में आने वाले श्रद्धालु प्राचीन पांडुलिपियों का भी दीदार कर पाएंगे। इसके बदले में वह नहीं चाहते कि संग्रहालय में उनका या उनके परिवार का कोई जिक्र हो।
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