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बेरोजगारी भत्ता देने से मुकर गए थे सीएम, अब आनंद शर्मा करेंगे बात

Sun, 26 Feb 2017 04:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 26 Feb 2017 04:42 PM IST
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Anand Sharma Statement on Unemployement Allowance in Himachal.

चुनावी साल में बेरोजगारी भत्ते का जिन्न फिर बाहर आ गया है। इस पर कांग्रेस की सियासत गरमा गई है। शनिवार को पूर्व केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री और राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता आनंद शर्मा ने पीटरहॉफ शिमला में कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के घोषणापत्र को इसी जगह (पीटरहॉफ) से जारी किया गया था।

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उस दौरान वीरभद्र सिंह, कौल सिंह और विद्या स्टोक्स भी यहीं थे। वे इस मामले में चर्चा करेंगे। सीएम वीरभद्र सिंह से बात की जाएगी। बेरोजगारी भत्ते में सार्वजनिक बहस की बात ही नहीं है। आनंद शर्मा बेरोजगारी भत्ते पर पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
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सीएम वीरभद्र सिंह की ओर से घोषणापत्र में बेरोजगारी भत्ते का मुद्दा डाले जाने से असहमति जताने पर सवाल किया गया तो बोले - उनकी और हमारी सोच में फर्क नहीं है। कोई एक आदमी घोषणापत्र को नहीं लिखता। इसमें पार्टी के सभी लोगों की राय ली जाती है।
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सीएम की ओर से प्रदेश कांग्रेस में हुई नियुक्तियों पर सवाल उठाने पर बोले - इस बारे में भविष्य में सुधार की हर गुंजाइश पर काम होगा। उल्लेखनीय है कि बेरोजगारी भत्ते के मामले में सीएम वीरभद्र सिंह पहले ही कह चुके हैं कि उनको पूछे बगैर इस घोषणा को मेनिफेस्टो में शामिल किया गया।

घोषणापत्र कमेटी के अध्यक्ष विधानसभा चुनाव से पहले आनंद शर्मा थे। जिला और ब्लॉक कांग्रेस में नियुक्तियों पर भी सीएम कह चुके हैं कि ऐसे लोगों की तैनाती की गई है, जिन्हें पड़ोसी तक नहीं जानते हैं।    

पढ़िए, क्या कहा था सीएम वीरभद्र सिंह ने 

Anand Sharma Statement on Unemployement Allowance in Himachal.

सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा था कि मौजूदा समय में बेरोजगारी भत्ता देना सरकार के वश में नहीं है। केंद्र हो या राज्य सरकार, ऐसा करना संभव नहीं है। अगर वे चुनावी घोषणापत्र कमेटी में होते तो ऐसा न करते। सरकार ने बेरोजगारी भत्ते को कौशल विकास भत्ते के रूप में दिया है। 

क्या कहा था परिवहन मंत्री जीएस बाली ने
परिवहन मंत्री जीएस बाली ने प्रेस वार्ता में कहा था - मैं घोषणापत्र का समन्वयक था। हमने पढ़े-लिखे युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही थी। जमा दो पढ़े लिखे युवाओं को एक हजार रुपये मासिक देने का वादा किया था, जिनकी सालाना आय दो लाख रुपये तक है।

इसी तरह से दिव्यांगों के लिए 1500 रुपये मासिक भत्ता देने की बात कही थी। बेरोजगारी भत्ता देने से प्रदेश सरकार पर अधिक बोझ नहीं पड़ेगा।  

सेब शुल्क पर मोदी सरकार की नीयत सही नहीं : आनंद

Anand Sharma Statement on Unemployement Allowance in Himachal.

आनंद शर्मा ने कहा कि यूपीए सरकार ने सेब पर आयात शुल्क को घटने नहीं दिया, बल्कि विदेशी सेब को रोकने के लिए इसे बढ़ाए रखा। वर्तमान मोदी सरकार ने तो गेहूं से भी आयात शुल्क को घटा दिया है।

पहले गेहूं पर 25 फीसदी आयात शुल्क था। फिर ये 15 प्रतिशत किया गया। अब इसे घटाकर शून्य कर दिया गया है। अब रूस, आस्ट्रेलिया से भी गेहूं भारत आ रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि सेब के साथ भी यही होगा। 

चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व पर नो कमेंट 
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा के चुनाव कांग्रेस पार्टी किसके नेतृत्व में लड़ेगी? इस सवाल के जवाब में आनंद शर्मा ने किसी भी टिप्पणी से इंकार किया। 

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