अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान: सीएम सुक्खू से बोलीं टॉपर आरती- घर न जमीन, पिता भी नहीं रहे, मदद कर दीजिये
राजधानी शिमला में मंगलवार को आयोजित अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री सुक्खू से मेडल लेने मंच पर पहुंची 12वीं की टॉपर आरती ने हाथ से लिखी एक चिट्ठी भी सीएम को दी।
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सीएम सर, मेरे पास घर है न जमीन, पिता भी नहीं रहे, कृपया मेरी मदद कर दीजिए। राजधानी शिमला में मंगलवार को आयोजित अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री सुक्खू से मेडल लेने मंच पर पहुंची 12वीं की टॉपर आरती ने हाथ से लिखी एक चिट्ठी भी सीएम को दी। इसमें लिखा था कि सरकार उनकी घर बनाने में मदद करे। मुख्यमंत्री ने भी इस चिट्ठी को लेते हुए पूछा कि क्या इसमें मोबाइल नंबर लिखा है। आरती ने हां में सिर हिलाया। मुख्यमंत्री ने इसे जेब में रखा और कहा कि आपकी मदद करेंगे। मंडी जिला के सरकाघाट क्षेत्र के सियो गांव की रहने वाली आरती ने 12वीं कला संकाय की मेरिट में सातवां रैंक हासिल किया है।
आरती के पिता राजेंद्र कुमार की चार साल पहले मौत हो चुकी है। मां कमला देवी स्कूल में मल्टी टास्क वर्कर हैं। उन्हें 5500 रुपये तनख्वाह मिलती है। आरती के दो और भाई-बहन भी हैं। बेटी को मुख्यमंत्री के हाथों मेडल पहनता देख कमला देवी भावुक हो गई। कहा कि कम तनख्वाह में परिवार का गुजारा मुश्किल हो रहा है। 1500 रुपये वाले किराये के कमरे में रहना पड़ रहा है। तीन बच्चों की पढ़ाई, खाने पीने का खर्च तनख्वाह में पूरा नहीं हो रहा है। पंचायत से घर बनाने के लिए मदद देने के लिए कई बार आवेदन किया। लेकिन कुछ नहीं हुआ। बेटी ने अब सीएम से मदद मांगी है, उम्मीद है कि जरूर मदद मिलेगी।
प्रिंसिपल के दिए कपड़े पहनकर पहुंची समारोह में
मां कमला देवी ने बताया कि उनके पास समारोह में आने के लिए अच्छे कपड़े तक नहीं थे। स्कूल की प्रिंसिपल ने उन्हें यह कपड़े दिए हैं। दसवीं कक्षा तक पढ़ी कमला देवी का कहना है कि वह बच्चों की पढ़ा-लिखाकर काबिल बनाना चाहती हैं।
सबसे आखिर में दसवीं की टॉपर श्रिया का सम्मान
अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह में सबसे आखिर में कांगड़ा जिले की देहरा के पाइसा की श्रिया को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। दरअसल, सम्मान समारोह सुबह 11 बजे शुरू हुआ, लेकिन श्रिया समारोह में तब पहुंचीं जब 10वीं और 12वीं के सभी टॉपर्स को मुख्यमंत्री सम्मानित कर चुके थे। श्रिया ने मुख्यमंत्री के साथ अलग से फोटो भी खिंचवाई। सम्मान पाने के बाद श्रिया ने बताया कि किसी वजह से लेट हो गई थी। कार्यक्रम के अंत पहुंचने के बावजूद जिस तरह से अमर उजाला ने उन्हें सीएम के हाथा सम्मानित करवाया, उसे सारी परेशानी-थकान दूर हो गई। यह मेरे के लिए यादगार पल है।