नए 22वें संस्करण का शुभारम्भ: सम्पूर्ण हिमाचल के आखिरी छोर तक सुबह की पहली किरण के साथ पहुंचेगा अमर उजाला
पाठकों के अपरिमित विश्वास ने अमर उजाला को छः राज्यों, दो केंद्र शासित प्रदेशों के इक्कीस संस्करणों वाले विशाल समूह में परिवर्तित कर दिया है। शिमला से सितम्बर 2022 में अमर उजाला के बाईसवें संस्करण की शुरुआत इस उजाले को और प्रखर करने का अवसर है।
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देवभूमि हिमाचल और अमर उजाला का जुड़ाव नया नहीं है। 20 जुलाई 1999 में चंडीगढ़ संस्करण के आरंभ के साथ अमर उजाला ने हिमाचल प्रदेश में कदम रखा। पाठकों के अपार प्रेम और विश्वास ने अमर उजाला को इस क्षेत्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला अखबार बना दिया। इसके बाद हिमाचल और यहां के पाठकों की आवश्यकताओं को समझते हुए अमर उजाला ने 6 दिसंबर 2005 में अत्याधुनिक मुद्रण (प्रिंटिंग) केंद्र के साथ धर्मशाला से संस्करण आरंभ किया। धर्मशाला से हिमाचल के निचले जिलों के लाखों पाठकों तक अपनी सीधी पहुंच की निरंतरता ने अमर उजाला को सर्वप्रिय बना दिया।
संपूर्ण हिमाचल के आखिरी छोर तक सुबह की पहली किरण के साथ ही अमर उजाला पहुंच सके इसके लिए अब शिमला में इसके नए संस्करण का शुभारंभ होने जा रहा है। राजधानी शिमला के औद्योगिक क्षेत्र शोघी में अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से सुज्जित मुद्रण केंद्र स्थापित किया गया है, जहां से अमर उजाला हिमाचल के ऊपरी जिलों के किन्नौर, रोहड़ू, रामपुर सहित सभी हिस्सों तक सूर्योदय के साथ ही ताजा समाचारों के साथ पहुंच जाएगा। पहली बार पूरा हिमाचल अब न सिर्फ ताजा खबरें पढ़ सकेगा, बल्कि अपनी प्रगति की विकास यात्रा से भी गहरे से जुड़ सकेगा।
देवधरा के अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य, अनूठी संस्कृति और आधुनिक प्रगति का विलक्षण समन्वय है। सभी क्षेत्रों में यहां उन्नति की नई राहें खुलीं हैं। इस विकास में उद्यम-उद्योग-शिक्षा-कमाई जैसे शब्द ही नहीं सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना जैसे भाव भी
सम्मिलित हैं। अमर उजाला इस चेतना का वाहक है। शिमला संस्करण के साथ हिमाचल की विकास यात्रा में अमर उजाला की विनम्र भागीदारी का यह भाव और दृढ़ होगा।
आज देवभूमि पर ऐतिहासिक सुबह है। अमर उजाला के हिमाचल संस्करण के नवोन्मेष पर आपका अभिनंदन और बधाई...।
- अमर उजाला परिवार
अमर उजाला का 22वां संस्करण
अमर उजाला का पहला अंक 18 अप्रैल, 1948 को पाठकों तक पहुंचा था। आगरा से यह एक विनम्र, किन्तु दृढ़ संकल्पों से भरी शुरुआत थी। संस्थापक द्वय श्री डोरीलाल अग्रवाल और श्री मुरारीलाल माहेश्वरी ने पत्रकारिता के उच्चतर मूल्यों के साथ इस उपक्रम को आरम्भ किया था। श्री अतुल माहेश्वरी ने इसका नवोन्मेष किया।
संकल्प के इस उजाले में प्रशस्त हुए मार्ग पर चलते हुए हम 75वें वर्ष में प्रवेश कर गए हैं। पाठकों के अपरिमित विश्वास ने अमर उजाला को छह राज्यों, दो केंद्रशासित प्रदेशों के 22 संस्करणों वाले विशाल समूह में परिवर्तित कर दिया है, जिसकी चेतना का विस्तार समूचे हिंदी पत्रकारिता जगत में महसूस किया जाता है।
शिमला में अमर उजाला के 22 वें संस्करण की शुरुआत इस उजाले को और प्रखर करने का अवसर है। यह संस्करण समुद्र तल से सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित शोघी मुद्रण केंद्र से आप तक पहुंचेगा।